
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के आगामी सीजन के दस्तक देने की संभावनाओं को देखते हुए बाबा केदारनाथ धाम के लिए संचालित होने वाली हेली सेवाओं को फिलहाल बंद कर दिया गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से 26 जून से आगे हेली सेवाओं के संचालन की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में अब मानसून सीजन की समाप्ति के बाद, करीब 15 सितंबर से एक बार फिर हेली सेवाओं का संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
खराब मौसम और सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया फैसला
केदारनाथ धाम के लिए इस साल हेली सेवाओं का संचालन यात्रा के शुभारंभ के साथ ही 22 अप्रैल से शुरू हुआ था। पहले चरण के तहत हेली टिकटों की बुकिंग 22 अप्रैल से 15 जून तक के लिए की गई थी। मानसून के आगमन में देरी को देखते हुए दूसरे चरण में सेवाओं को 16 जून से 25 जून तक के लिए विस्तार दिया गया था।
डीजीसीए ने सुरक्षा कारणों और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए 26 जून से उड़ानों के संचालन की अनुमति नहीं दी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) आशीष चौहान ने बताया कि बारिश और खराब मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। मानसून सीजन बीत जाने के बाद हेली सेवाएं दोबारा बहाल की जाएंगी।
अब तक 1.37 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने की हेली यात्रा
वर्ष 2026 में हेली सेवाओं के बेहतर संचालन के लिए यूकाडा की ओर से नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए गए थे, जिसके तहत 8 हेली ऑपरेटर्स का चयन किया गया था। इन ऑपरेटर्स ने गुप्तकाशी, सिरसी और फाटा से केदारनाथ धाम तक के लिए अपनी सेवाएं दीं। 22 अप्रैल से 25 जून के बीच संचालित इन सेवाओं के दौरान हेलीकॉप्टरों ने कुल 11,800 शटल उड़ानें भरीं, जिनकी मदद से 1.37 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए।
सुचारू रूप से जारी रहेगी चारधाम यात्रा
हेली सेवाएं बंद होने के बावजूद उत्तराखंड में चारधाम यात्रा सामान्य रूप से सुचारू रहेगी। अब तक रिकॉर्ड 39,33,463 श्रद्धालु चारधाम की यात्रा कर चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, आमतौर पर मानसून के दौरान सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ कमी जरूर आती है, लेकिन यात्रा को निरंतर चालू रखा जाएगा।
