हनोल: अधिकांश देवस्थलों में पूजा-अर्चना के विशेष विधान और नियम होते हैं, लेकिन उत्तराखंड के चकराता ब्लॉक में स्थित एक ऐसा अनोखा मंदिर भी है, जहां मनोकामना की सिद्धि के लिए न तो कोई विशेष पूजन विधि आवश्यक है, न ही भेंट या प्रसाद का कोई नियम। मान्यता है कि इस मंदिर के परिसर में एक रात बिताने से ही भक्त की सभी इच्छाएं पूर्ण हो जाती हैं। यह मंदिर हनोल गांव में स्थित महासू देवता का है, जो भगवान शिव के चतुर्भुज रूप में पूजित हैं। भक्तगण अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां आते हैं और मंदिर के विशाल मैदान में जागरण करते हैं। माना जाता है कि जो भी श्रद्धालु अपनी मनोकामना महासू महाराज के समक्ष प्रकट कर, मंदिर परिसर में एक रात व्यतीत करता है, उसकी हर मुराद पूरी हो जाती है।
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