UTTARAKHAND

देहरादून नगर निगम की बड़ी पहल: 10 फरवरी से शुरू होगा गोबर संग्रहण अभियान, गंदगी फैलाने वाली डेयरियों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में नगर निगम (MCD) एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने, सीवर लाइनों को चोक होने से बचाने और सार्वजनिक स्वच्छता में सुधार के लिए नगर निगम जल्द ही ‘गोबर संग्रहण अभियान’ शुरू करेगा।

10 फरवरी से होगा आगाज

मेयर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल के निर्देशों के बाद, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस अभियान की शुरुआत 10 फरवरी से होने जा रही है। योजना के तहत, नगर निगम अपने वाहनों का उपयोग कर शहर की सीमाओं के भीतर स्थित डेयरियों से गोबर इकट्ठा करेगा।

दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से शुरुआत

डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि अभियान के शुरुआती चरण के लिए दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ड्राइवरों को तैनात कर दिया गया है।

  • संचालकों की जिम्मेदारी: डेयरी मालिकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे गोबर को निगम के वाहनों में खुद लोड करवाएं।
  • प्रथम चरण: पहले चरण में शीशमबाड़ा और उसके आसपास के क्षेत्रों की बड़ी डेयरियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

वैज्ञानिक तरीके से होगा निस्तारण

इकट्ठा किए गए गोबर को शंकरपुर स्थित गौशाला (पशु आश्रय स्थल) ले जाया जाएगा। यहाँ गोबर के वैज्ञानिक उपचार और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए दो प्रोसेसिंग प्लांट पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। इससे न केवल गंदगी कम होगी, बल्कि गोबर का सदुपयोग भी सुनिश्चित होगा।

नियम तोड़ने वालों पर लगेगा जुर्माना

निगम ने डेयरी संचालकों को सख्त चेतावनी दी है। डॉ. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जो डेयरी मालिक खुले स्थानों, सार्वजनिक नालियों या सीवर लाइनों में गोबर बहाएंगे, उनके खिलाफ नगर निगम स्वच्छता नियमों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। सीवर में गोबर बहाना पूरी तरह प्रतिबंधित है क्योंकि इससे पूरी जल निकासी व्यवस्था ठप हो जाती है।

जनता और डेयरी संचालकों का सहयोग

प्रशासन के अनुसार, कई क्षेत्रों के डेयरी संचालकों को औपचारिक रूप से सूचित कर दिया गया है। कई संचालकों ने अपने विवरण और हस्ताक्षर जमा कर इस पहल का स्वागत किया है। नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि इस अभियान से न केवल मोहल्लों में स्वच्छता बढ़ेगी, बल्कि जल बुनियादी ढांचे (Water Infrastructure) की भी सुरक्षा होगी।

Tv10 India

Recent Posts

बदरीनाथ धाम को हाईटेक अस्पताल की सौगात, अक्तूबर में पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…

12 hours ago

उत्तराखंड: रिवर्स पलायन को गति देने के लिए हर जिले में होंगी प्रवासी पंचायतें, सीएम धामी ने दिए निर्देश

गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…

13 hours ago

सीएम धामी का बड़ा ऐलान: देहरादून के ’13 गांव’ में बनेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र; स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…

17 hours ago

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ‘चौपाल-2026’ का आयोजन; टिहरी और चमोली में प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…

18 hours ago

हाईकोर्ट शिफ्टिंग विवाद: नैनीताल से हल्द्वानी ट्रांसफर पर सुनवाई पूरी, खंडपीठ ने सुरक्षित रखा फैसला

नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…

19 hours ago

IIT रुड़की और GB पंत संस्थान की चेतावनी: जलवायु परिवर्तन से कोसी नदी पर गहराया खतरा, तेजी से गिरेगा भूजल

रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…

2 days ago