UTTARAKHAND

मसूरी: 2.73 करोड़ की सड़क निर्माण पर विवाद, अब रोजाना गुणवत्ता जांच करेंगे 4 इंजीनियर

मसूरी: मसूरी में करीब 2.73 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे मोतीलाल नेहरू मार्ग की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों की शिकायतों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर सड़क निर्माण कार्य की जांच की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।वहीं, पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी और पेटवाल ने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से सड़क निर्माण कार्य का विरोध कर रहे हैं।

2.73 करोड़ की लागत से हो रहा पुनर्निर्माण

दरअसल, राज्य योजना के तहत 4 किलोमीटर लंबी मोतीलाल नेहरू सड़क का पुनर्निर्माण 2 करोड़ 73 लाख 43 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा है। हालांकि, निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।बीते दिनों, क्षेत्रीय सभासद जसबीर कौर के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन सड़क पर पहुंचकर विधायक और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं और जनता के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

सभासद और स्थानीय जनता ने लगाए गंभीर आरोप: सभासद जसबीर कौर समेत स्थानीय लोगों का कहना था कि करीब 15 साल के बाद मोतीलाल नेहरू मार्ग पर 4 किलोमीटर के पैच का पुनर्निर्माण किया जा रहा है. जिसका ठेकेदार की ओर से निर्माण कराया जा रहा है. उनका आरोप था कि ठेकेदार की ओर से सड़क को बनाने में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है और न ही सड़क किनारे नाली बनाने को लेकर कोई कार्य किए जा रहे हैं. सड़क बनने से पहले उखड़ने लगी है, जिसके प्रमाण उनके पास है.

लोनिवि अधिशासी अभियंता ने दूर किया जनता का कन्फ्यूजन: वहीं, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है. रविवार को सड़क के निर्माण को लेकर पहली लेयर डाली गई थी. जबकि, उसके उपर दूसरी लेयर डाली जानी थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने समझा कि सड़क का निर्माण हो गया है. जिससे लोगों में सड़क को लेकर गलतफहमी हो गई थी.

उन्होंने कहा कि सड़क पूरी तरह से बनने के बाद अपने मूल स्वरूप में आएगी. सड़क किनारे नाली बनाए जाने के साथ क्रैश बैरियर भी लगाए जाएंगे. उन्होंने बताया कि सभी स्थानीय लोगों की सड़क के निर्माण को लेकर शंका को दूर कर दिया गया है. सड़क निर्माण के समय विभाग के चार इंजीनियर मौके पर मौजूद रहकर कार्य की गुणवत्ता की जांच कर रोज की रिपोर्ट उन्हें देंगे. उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण को लेकर अगर ठेकेदार की ओर से लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

पालिकाध्यक्ष और विधायक प्रतिनिधि ने लगाया राजनीति करने का आरोप: वहीं, पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी और विधायक प्रतिनिधि मोहन पटवाल ने कहा कि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के प्रयासों के बाद मोतीलाल नेहरू मार्ग का निर्माण शुरू हुआ है, लेकिन कुछ लोग राजनीति से प्रेरित होकर इसमें बेवजह की शिकायत कर रहे हैं. जबकि, स्थलीय निरीक्षण में सड़क निर्माण की कार्य की गुणवत्ता पर किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है. उनका कहना है कि ऐसे में कुछ लोग राजनीति कर विकास कार्यों को बाधित करने का काम कर रहे हैं, जिसको किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सभासद बोलीं- नहीं कर रही कोई राजनीति, मकसद विकास सही हो: सभासद जसबीर कौर का कहना है कि वो किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं कर रहीं हैं. वो अपने क्षेत्र का विकास चाहती हैं. क्योंकि, मोतीलाल नेहरू मार्ग का निर्माण 15 साल के बाद हो रहा है. ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता पर किसी भी प्रकार से समझौता नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वो खुद रोज सड़क के निर्माण को लेकर मॉनिटरिंग करेंगी और अगर सड़क निर्माण में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता से समझौता किया जाएगा तो उसका वो विरोध करेंगी.

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