- भवाली रोड स्थित जोखिया क्षेत्र के एक होटल में हुआ हादसा; रेलिंग में शीशा न होने के कारण बिगड़ा था तीन वर्षीय गौरांत का संतुलन।
- एक सप्ताह के भीतर नैनीताल के होटलों में सुरक्षा चूक की यह दूसरी बड़ी घटना, उठ रहे हैं गंभीर सवाल।

नैनीताल:
पहाड़ों की नैसर्गिक खूबसूरती का आनंद लेने मध्य प्रदेश से नैनीताल आया एक पर्यटक परिवार रविवार को एक ऐसा गहरा दर्द लेकर लौटा, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी. भवाली रोड स्थित जोखिया क्षेत्र के एक होटल की बालकनी में खेलते समय एक पल की चूक ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. होटल की बालकनी से करीब 20 फीट नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए तीन वर्षीय मासूम को बचाने के लिए परिजन नैनीताल, हल्द्वानी और फिर दिल्ली तक दौड़ते रहे, लेकिन दिल्ली पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया.
खेलते-खेलते रेलिंग से गिरा मासूम
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के रानापुर जागुआ निवासी विशाल सोनी अपने परिवार के साथ नैनीताल घूमने आए हुए थे. पूरा परिवार भवाली रोड स्थित जोखिया क्षेत्र के एक होटल में ठहरा हुआ था. रविवार सुबह कमरे के बाहर बनी बालकनी में बच्चे खेल रहे थे. इसी दौरान बालकनी की रेलिंग में शीशा न होने के कारण तीन वर्षीय मासूम गौरांत का अचानक संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे करीब 20 फीट नीचे जा गिरा.
हादसे के बाद होटल परिसर में चीख-पुकार मच गई. परिजन बदहवास हालत में खून से लथपथ मासूम को लेकर तत्काल बीडी पांडे जिला चिकित्सालय पहुंचे.
हल्द्वानी से दिल्ली के बीच थम गईं सांसें
बीडी पांडे अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत उसे हायर सेंटर हल्द्वानी रेफर कर दिया. हल्द्वानी में सीटी स्कैन और अन्य चिकित्सकीय जांच में बच्चे के सिर और गर्दन में गंभीर फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई. स्थिति बेहद चिंताजनक होने के कारण डॉक्टरों ने उसे तुरंत दिल्ली के लिए रेफर कर दिया.
गौरांत को एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. पिता विशाल सोनी के अनुसार, दिल्ली के अस्पताल पहुंचने से करीब 20 किलोमीटर पहले ही गौरांत की हालत बेहद बिगड़ गई और उसकी सांसें थम गईं. दिल्ली पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जो मासूम कुछ समय पहले तक हंस-खेल रहा था, उसकी इस असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
होटलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
इस दुखद हादसे ने नैनीताल के होटलों में सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है. पर्यटकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बालकनी में रेलिंग के बीच पर्याप्त सुरक्षा उपाय या जालियां होतीं, तो मासूम की जान बच सकती थी.
चिंताजनक बात यह है कि पहाड़ों में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है. ठीक एक सप्ताह पहले भी नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र के एक होटल के रिसेप्शन से भी दो वर्षीय एक बच्ची नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी. बार-बार होने वाले इन हादसों के बाद अब स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग से मांग की जा रही है कि वे सभी होटलों में सुरक्षा मानकों की कड़ाई से जांच करें, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसा असहनीय दर्द न झेलना पड़े.
