
मुख्य बातें (Highlights):
- सामरिक पुल बहा: चमोली की नीती घाटी में तमक नाले के भीषण उफान में बह गया बीआरओ का बैली ब्रिज.
- 12 से ज्यादा गांव अलग-थलग: जेलम, मलारी, नीती, गमशाली समेत कई सीमांत गांव और सेना-ITBP की अग्रिम चौकियां कटीं.
- BRO कर्मचारी लापता: पुल के पास काम कर रहा बीआरओ का एक कर्मचारी नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से लापता.
- 1 महीने पहले बना था पुल: पिछले साल पक्का पुल बहने के बाद बीआरओ ने एक महीने पहले ही तैयार किया था बैली ब्रिज.
चमोली: चमोली जिले की नीती घाटी में चीन सीमा को जोड़ने वाला सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बैली ब्रिज सोमवार शाम तमक नाले के विकराल उफान में बह गया. ऊपरी क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि (मूसलाधार बारिश) के कारण नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया और महज कुछ ही सेकंड में बीआरओ (BRO) द्वारा बनाया गया बैली ब्रिज पानी के तेज बहाव में ढह गया.
पुल बहने से नीती घाटी के 12 से अधिक सीमांत गांवों का देश से संपर्क पूरी तरह कट गया है. इसके साथ ही चीन सीमा पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी (ITBP) की अग्रिम चौकियों तक आवाजाही भी ठप हो गई है. हादसे के दौरान पुल के पास काम कर रहा बीआरओ का एक कर्मचारी नाले की चपेट में आने से लापता बताया जा रहा है.
ज्योतिर्मठ से करीब 37 किलोमीटर आगे नीती घाटी में स्थित तमक नाले में सोमवार सुबह से ही अतिवृष्टि के कारण उफान था. दोपहर में जलस्तर थोड़ा कम होने पर बीआरओ की टीम पुल से मलबा और कचरा हटाकर आवाजाही बहाल करने के प्रयास में जुटी थी. लेकिन शाम करीब 4 बजे नाला एक बार फिर अचानक भीषण उफान पर आ गया. पानी का वेग इतना तेज था कि बीआरओ द्वारा करीब एक माह पहले ही तैयार किया गया बैली ब्रिज तिनके की तरह बह गया.
बैली ब्रिज बह जाने से नीती घाटी के कई सीमांत गांवों का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से पूरी तरह कट गया है. प्रभावित गांवों में जेलम, जुम्मा, मलारी, फरकिया, बाम्पा, गमशाली, नीती, कैलाशपुर, द्रोणागिरी और गरपक शामिल हैं. इसके अलावा भारत-चीन सीमा पर स्थित सेना और आईटीबीपी की कई अग्रिम चौकियों का संपर्क भी मुख्य मार्ग से कट गया है.
ज्योतिर्मठ के एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि ऊपरी क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण तमक नाला अचानक उफान पर आया, जिससे बैली ब्रिज बह गया. साइट पर काम कर रहे बीआरओ के एक कर्मचारी के लापता होने की सूचना है. मौके पर एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजा गया है. क्षेत्र में वैकल्पिक मार्ग से आवाजाही जल्द सुचारु करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
उच्च हिमालीय क्षेत्र से निकलने वाला तमक नाला आम दिनों में शांत रहता है, लेकिन बारिश के दिनों में ऊपरी क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण इसका जलस्तर अचानक विकराल रूप ले लेता है. पिछले वर्ष भी उफान के कारण यहां बना पक्का पुल बह गया था. इसके बाद बीआरओ ने ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी आवाजाही शुरू कराई थी और महज एक महीने पहले ही यहां नया बैली ब्रिज तैयार किया था, जो सोमवार को दोबारा बह गया.
