
खास बातें:
- श्रद्धांजलि: पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के 1 साल पूरे होने पर सशस्त्र बलों के अदम्य साहस को नमन किया।
- बदला: पहलगाम आतंकी हमले (22 अप्रैल) के जवाब में 7 मई की रात भारत ने PoK और पाकिस्तान में 100 से ज्यादा आतंकी मार गिराए थे।
- रणनीति: रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत अब ‘रणनीतिक संयम’ से ‘रणनीतिक सक्रियता’ (Strategic Proactiveness) की ओर बढ़ चुका है।
- रक्षा सौदे: पिछले एक साल में 114 राफेल, 5 नए S-400 सिस्टम और 6 स्टील्थ पनडुब्बियों जैसे महा-रक्षा सौदों को मंजूरी मिली।
नई दिल्ली. सीमा पार पनप रहे आतंकवाद पर भारत की अब तक की सबसे बड़ी और सटीक कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को आज एक साल पूरा हो गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और संकल्प को नमन किया। सम्मान के तौर पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत कई कैबिनेट मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदल ली है। नई तस्वीर में भारतीय तिरंगे के साथ केसरिया रंग की ज्वाला दिखाई दे रही है, जो सेना के “संकल्प और बलिदान” का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारे बलों ने बेजोड़ साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया।”
क्या था ऑपरेशन सिंदूर और कैसे लिया गया पहलगाम का बदला?
पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इसका बदला लेने के लिए ठीक एक साल पहले, 6-7 मई की दरमियानी रात भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया।
- सेना ने पाकिस्तान और PoK में मौजूद 9 बड़े आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए।
- बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय से लेकर मुरीदके (लश्कर), सियालकोट, मुजफ्फराबाद और कोटली के आतंकी ढांचे पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दिए गए। इस एयरस्ट्राइक में करीब 100 आतंकी मारे गए थे।
- दोनों देशों के बीच 4 दिनों तक भारी तनाव रहा। पाकिस्तान ने जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने उन्हें नाकाम कर दिया। 10 मई को हॉटलाइन पर बातचीत के बाद सैन्य संघर्ष थमा।
इनसाइड स्टोरी: दुश्मन ने भेजे थे ‘डमी ड्रोन’, भारत ने S-400 से दिया चकमा
ऑपरेशन में शामिल रहे एयर कमोडोर गौरव एम त्रिपाठी (रिटायर्ड) ने बताया कि उन 4 दिनों के संघर्ष में पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया। इनमें से ज्यादातर ड्रोन ‘डमी’ थे, जिनका मकसद सिर्फ भारत के महंगे हथियार और गोला-बारूद बर्बाद करना था।
भारतीय वायुसेना ने आसमान की सुरक्षा के लिए ‘S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ और ‘आकाश मिसाइल’ का बेहद आक्रामक इस्तेमाल किया। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत ने S-400 की जगह बार-बार बदली और दुश्मन को धोखा देने के लिए इसके ‘नकली रूपों’ (Decoys) का इस्तेमाल किया। सेना की भाषा में इसे ‘छलावरण और छल’ (CCD) कहा जाता है।
हालांकि, एयर कमोडोर त्रिपाठी ने आगाह किया है कि भविष्य में दुश्मन और भी खतरनाक ड्रोन (बिना GPS वाले और स्वार्म तकनीक से लैस) भेज सकता है, जिसके लिए भारत को अपनी एंटी-ड्रोन तकनीक को लगातार बढ़ाना होगा।
परमाणु धमकी को दरकिनार कर बदला भारत का ‘डिफेंस एटीट्यूड’
इस ऑपरेशन ने साबित कर दिया कि भारत अब पाकिस्तान की खोखली परमाणु धमकियों से डरने वाला नहीं है। सेना के पूर्व अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल दुष्यंत सिंह (रिटायर्ड) का कहना है कि यह ऑपरेशन इस बात का सबूत है कि भारत अब ‘स्ट्रैटेजिक रिस्ट्रेंट’ (रणनीतिक संयम) की नीति छोड़ चुका है और ‘स्ट्रैटेजिक एक्टिवनेस’ (रणनीतिक सक्रियता) की ओर बढ़ गया है।
ऑपरेशन के बाद 1 साल में हुए ये 5 बड़े रक्षा सौदे, जो बढ़ाएंगे भारत की ताकत:
ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेते हुए भारत सरकार ने अपनी युद्धक तैयारियों को अभेद्य बनाने के लिए कई मेगा प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी है:
- मेगा बजट: मार्च में ही सरकार ने 2.38 लाख करोड़ रुपये के सैन्य उपकरण खरीदने को मंजूरी दी है।
- हवा का सिकंदर (राफेल): फरवरी में फ्रांस से 114 और राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई है, जो घातक ‘मेटिओर’ और ‘स्कैल्प’ मिसाइलों से लैस होंगे।
- डिफेंस शील्ड: रूस से 5 नए S-400 मिसाइल सिस्टम और 60 मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद को हरी झंडी मिली।
- समंदर का बादशाह: नौसेना के लिए अमेरिका से 6 ‘बोइंग P8-I’ निगरानी विमान और जर्मनी की मदद से 6 स्टील्थ पनडुब्बियों के निर्माण (5 अरब यूरो का सौदा) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अप्रैल में भारत ने अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी ‘INS अरिदमन’ को नौसेना में शामिल किया है।
- अग्नि-5 का परीक्षण: पिछले साल अगस्त में भारत ने 5,000 किमी मारक क्षमता वाली ‘अग्नि-5’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो पूरे चीन को अपनी जद में ले सकती है।
ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश दिया, बल्कि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण (खासकर AI और ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में) की रफ्तार को भी कई गुना बढ़ा दिया है।
