UTTARAKHAND

पंतनगर सिडकुल में संग्राम: वी-गार्ड कंपनी के श्रमिकों पर पुलिस का बल प्रयोग, महिला कर्मचारियों समेत कई प्रदर्शनकारी घायल और बेहोश

उधम सिंह नगर (पंतनगर): पंतनगर सिडकुल स्थित वी-गार्ड कंपनी में पिछले कई दिनों से चल रहा श्रमिकों का आंदोलन शनिवार को उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों को कंपनी परिसर से हटाने के दौरान पुलिस और श्रमिकों के बीच तीखी झड़प हुई। प्रशासन द्वारा किए गए हल्के बल प्रयोग के बाद मौके पर भगदड़ मच गई, जिसमें कई महिला और पुरुष श्रमिक घायल हो गए, जबकि कुछ श्रमिक मौके पर ही बेहोश हो गए।

प्रशासनिक हस्तक्षेप और तनावपूर्ण स्थिति
जानकारी के अनुसार, वी-गार्ड के श्रमिक अपनी मांगों को लेकर कंपनी गेट पर धरना दे रहे थे। स्थिति को बिगड़ता देख तहसीलदार दिनेश कुटेला और पंतनगर सिडकुल चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह बिष्ट भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को परिसर से जबरन बाहर करने की कोशिश की, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। श्रमिकों का आरोप है कि पुलिस ने उन पर लाठियां भांजी, जिससे अफरा-तफरी मच गई।

कई श्रमिक हुए बेहोश, एम्बुलेंस देख भड़के मजदूर
पुलिस कार्रवाई के दौरान कई महिला श्रमिक चोट लगने और घबराहट के कारण बेहोश हो गईं। आनन-फानन में एम्बुलेंस बुलाई गई, लेकिन आक्रोशित श्रमिकों ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी। घायलों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि कुछ को निजी वाहनों से अस्पताल ले जाया गया।

क्यों बढ़ा विवाद? ये हैं श्रमिकों की मुख्य मांगें
सिडकुल क्षेत्र की वी-गार्ड, महाबल ऑटो और बेलाराइज जैसी कंपनियों के श्रमिक लंबे समय से शोषण का आरोप लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारी श्रमिकों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:

  • न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
  • समय पर बोनस का भुगतान सुनिश्चित हो।
  • कैंटीन में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाए।
  • श्रमिकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर रोक लगे।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से ही सिडकुल क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। एहतियात के तौर पर कंपनी के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि वे शांति व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे हैं और प्रबंधन व श्रमिकों के बीच वार्ता के जरिए समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, श्रमिकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।


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