
- सियासी हलचल: इंडियन आइडल विजेता पवनदीप राजन ने निर्दलीय उम्मीदवार नारायण लाल के समर्थन में किया विशाल रोड शो।
- त्रिकोणीय मुकाबला: भाजपा के नवीन राम, निर्दलीय नारायण लाल और पार्वती देवी के बीच कड़ा मुकाबला; भाजपा दिग्गजों ने भी झोंकी ताकत।
- चुनावी गणित: 9 जून को होगा मतदान और 11 जून को होगी मतगणना; युवाओं के बीच पवनदीप के स्टारडम से समीकरण बदलने की चर्चा।
पाटी (चंपावत/खटीमा): चंपावत जिले की नवसृजित नगर पंचायत पाटी के पहले ऐतिहासिक चुनाव में राजनीतिक पारा अचानक चढ़ गया है। चुनावी रण के बीच उत्तराखंड के लोकप्रिय गायक और ‘इंडियन आइडल’ विजेता पवनदीप राजन की एंट्री ने मुकाबले को बेहद हाई-प्रोफाइल और दिलचस्प बना दिया है। शनिवार को पवनदीप ने अपने जीजा और निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल के समर्थन में पाटी पहुंचकर एक विशाल रोड शो और शक्ति प्रदर्शन रैली में हिस्सा लिया। इस दौरान उमड़े जनसैलाब ने क्षेत्र की चुनावी चर्चाओं को पूरी तरह से नया मोड़ दे दिया है।
सड़कों पर उमड़ा युवाओं का सैलाब, सेल्फी लेने की मची होड़
पवनदीप राजन के पाटी पहुंचते ही चुनावी माहौल में नया जोश देखने को मिला। उनके समर्थन में आयोजित रोड शो में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और स्थानीय बुजुर्ग शामिल हुए। अपने पसंदीदा स्टार गायक को देखने और उनके साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान पवनदीप ने जनता से हाथ जोड़कर अपने जीजा नारायण लाल के पक्ष में मतदान करने और उन्हें विजयी बनाने की भावुक अपील की।
भाजपा की संगठनात्मक ताकत बनाम पवनदीप का स्टारडम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवनदीप की युवाओं के बीच जबरदस्त लोकप्रियता है, जिसका सीधा असर युवा मतदाताओं के वोटिंग पैटर्न पर पड़ सकता है। पाटी नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला भाजपा समर्थित नवीन राम, निर्दलीय नारायण लाल और पार्वती देवी के बीच त्रिकोणीय माना जा रहा है।
एक तरफ जहाँ भाजपा प्रत्याशी नवीन राम के पक्ष में पार्टी के वरिष्ठ नेता, दर्जा राज्यमंत्री और संगठन के दिग्गज लगातार जनसंपर्क कर अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल के पक्ष में पवनदीप राजन के उतरने से भाजपा खेमे की चिंताएं बढ़ गई हैं।
9 जून को मतदान, 11 को साफ होगी तस्वीर
अब पाटी नगर पंचायत की जनता के बीच यह सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गया है कि क्या पवनदीप राजन का स्टारडम निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल की नैया पार लगाएगा, या फिर भाजपा का मजबूत सांगठनिक ढांचा अपनी सीट निकालने में सफल रहेगा। नवसृजित नगर पंचायत की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी, इसका फैसला जनता 9 जून को मतदान के जरिए करेगी और 11 जून को मतगणना के बाद परिणाम सबके सामने होंगे।
