
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़):
उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट क्षेत्र से जबरन धर्मांतरण के दबाव का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने, बच्चे का गुपचुप खतना कराने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली में हुई थी मुलाकात, हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, गंगोलीहाट के बोकटा गांव निवासी विवेक सिंह दिल्ली में नौकरी करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात दिल्ली निवासी यास्मीन से हुई। विवेक का कहना है कि यास्मीन ने खुद को सनातन धर्म में आस्था रखने वाली बताया था और वह अक्सर मंदिरों में भी जाती थी। बाद में जब विवेक को उसके मुस्लिम होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने विवाह से इनकार कर दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद यास्मीन के पिता साकिर अली और माता सज्जो बानो ने विवेक को भरोसा दिलाया कि शादी हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार ही होगी। इसके बाद दोनों ने 24 मार्च 2020 को गंगोलीहाट में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह कर लिया।
पहचान बदलकर बनाया निकाहनामा, बच्चे का कराया खतना
विवेक सिंह का आरोप है कि शादी के बाद उन्हें पता चला कि यास्मीन ने अपनी पहचान बदलकर एक निकाहनामा तैयार करा लिया था। साल 2022 में जब उन्हें बेटा हुआ, तो ससुराल पक्ष ने गुपचुप तरीके से बच्चे का खतना करा दिया और उसका नाम बदलने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवा लिए। इसके बाद विवेक और उनके पूरे परिवार पर लगातार मुस्लिम धर्म स्वीकार करने का सामाजिक, मानसिक और आर्थिक दबाव बनाया जाने लगा।
विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी
तहरीर के अनुसार, धर्मांतरण का विरोध करने पर विवेक को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। आरोप है कि इसी वर्ष 14 अप्रैल और 5 मई को विवेक के साथ मारपीट भी की गई। इस प्रताड़ना से तंग आकर विवेक 8 मई को अपने बेटे को लेकर किसी तरह वहां से निकलकर गंगोलीहाट पहुंचे।
पीड़ित का कहना है कि इसके बाद भी आरोपियों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। आरोपी फिरोज गंगोलीहाट स्थित उनके घर तक पहुंच गया और धर्म न बदलने पर पूरे परिवार को जान से मारने और बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। विवेक ने आशंका जताई है कि इस पूरे प्रकरण के पीछे धर्मांतरण कराने वाला कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, इसलिए आरोपियों के वित्तीय स्रोतों की भी जांच होनी चाहिए।
पुलिस की कार्रवाई और बयान
गंगोलीहाट कोतवाल कैलाश जोशी ने बताया कि विवेक की तहरीर के आधार पर दिल्ली निवासी साकिर अली, पत्नी यास्मीन, सज्जो बानो, परवेज और फिरोज के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, धोखाधड़ी (कूटरचना) और उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले के सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
इस मामले पर पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक (SP) अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया, “यह मामला दो अलग-अलग मजहबों का है, जिसमें युवक गंगोलीहाट का और युवती दिल्ली की रहने वाली है। करीब पांच-छह साल पहले इनकी शादी हुई थी और शादी के बाद इनका एक बच्चा भी है। युवक की ओर से जबरन धर्मांतरण समेत अन्य कई गंभीर आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है, जिस पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
