
खास बातें:
- टिहरी बांध पर देश की पहली ‘वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज’ परियोजना का करेंगे उद्घाटन।
- कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांठी तक बोटिंग कर साहसिक पर्यटन को देंगे बढ़ावा।
- सुरक्षा एजेंसियों ने पीएम के रुकने के लिए झील के क्रूज और स्थानीय होमस्टे को खंगालना शुरू किया।
- अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिहाज से जनसभा मानी जा रही है बेहद अहम।
टिहरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल्द ही टिहरी दौरे पर आने की संभावना है। इसे लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पीएम मोदी यहां 8 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली 1000 मेगावाट क्षमता की ‘पंप स्टोरेज प्लांट (PSP)’ परियोजना का लोकार्पण कर सकते हैं। इसके अलावा, टिहरी झील के किनारे कोटी कॉलोनी में उनकी एक विशाल जनसभा भी प्रस्तावित है। प्रशासन और टीएचडीसी (THDC) ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
क्रूज की सैर और होमस्टे में प्रवास की तैयारी
प्रधानमंत्री के इस दौरे को टिहरी में साहसिक (Adventure) पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी कोटी कॉलोनी से प्रसिद्ध डोबरा-चांठी पुल तक बोटिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, वह कुछ समय झील में संचालित क्रूज बोट पर भी बिता सकते हैं। पीएम के स्थानीय होमस्टे में कुछ देर रुकने की संभावनाओं को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने मानकों के अनुरूप सुरक्षित जगहों की तलाश शुरू कर दी है।
देश का पहला ‘वेरिएबल स्पीड’ प्लांट, क्षमता होगी 2400 MW
पीएम मोदी मुख्य रूप से जिस 1000 मेगावाट पंप स्टोरेज प्लांट का उद्घाटन करने आ रहे हैं, वह देश की पहली ‘वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज’ परियोजना है। इसके शुरू होते ही टिहरी बांध की कुल बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 2400 मेगावाट हो जाएगी। टीएचडीसी ने अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। हाल ही में अधिकारियों और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम ने क्रूज, बार्ज बोट और कोटी कॉलोनी में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
चुनावी समीकरण: 9 विधानसभा सीटों पर नजर
उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में पीएम मोदी की जनसभा सियासी तौर पर भी काफी अहम मानी जा रही है। टिहरी और उत्तरकाशी जिले की 9 विधानसभा सीटों में से 7 पर अभी बीजेपी, 1 पर कांग्रेस (प्रतापनगर) और 1 पर निर्दलीय (यमुनोत्री) का कब्जा है। पीएम के दौरे से पार्टी इस पूरे क्षेत्र में चुनावी माहौल बनाने की कोशिश करेगी।
स्थानीय लोगों को पीएम से ये उम्मीदें
पीएम के दौरे से स्थानीय लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। जनता को मुख्य रूप से बांध प्रभावितों के लंबित पुनर्वास, रॉयल्टी, क्षेत्रीय विकास और प्रतापनगर क्षेत्र के फिकवाल समुदाय को केंद्रीय ओबीसी (OBC) सूची में शामिल किए जाने की सौगात मिलने का इंतजार है।
