देहरादून, 10 जुलाई:
देशभर में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के मुद्दों को लेकर कांग्रेस का राष्ट्रव्यापी अभियान ‘छात्रों की गूंज’ उत्तराखंड में भी जोर-शोर से चल रहा है. इस अभियान के तहत युवाओं की आवाज को बुलंद करने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आगामी 17 जुलाई को उत्तराखंड के दौरे पर आ रहे हैं. वे देहरादून में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ सम्मेलन में शामिल होंगे और छात्रों व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से सीधा संवाद करेंगे.
राहुल गांधी के इस प्रस्तावित दौरे को लेकर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है. उत्तराखंड में आगामी साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर दोनों प्रमुख दल—भाजपा और कांग्रेस—अभी से अपनी तैयारियों में जुट गए हैं. राष्ट्रीय नेताओं के दौरों का सिलसिला भी शुरू हो चुका है, जिस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कांग्रेस पर तंज
राहुल गांधी के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निशाना साधा और कहा कि चुनावी साल नजदीक आने पर नेताओं का आना-जाना लगा रहेगा.
मुख्यमंत्री ने पेपर लीक के मुद्दों पर विपक्ष को घेरते हुए कहा:
“पेपर लीक तो कांग्रेस सरकार के समय भी होता था, लेकिन यह हमारी सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ है. यह सवाल तो कांग्रेस को खुद से और अपनी ही पार्टी के लोगों से पूछना चाहिए. चुनाव के समय नेताओं का आना-जाना सामान्य बात है. अगर वे चुनाव से पहले जनहित के मुद्दों को लेकर आए होते, तो उनकी गंभीरता समझ में आती. अब चुनाव नजदीक हैं, तो कांग्रेस के नेता इस चुनावी दौर में कई बार आएंगे.”
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने भी बोला हमला
प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने तंज कसते हुए कहा:
“कांग्रेस साढ़े चार साल तक गायब रहती है और अंतिम समय में किसी राज्य में आकर सिर्फ मेहमानबाजी करके चली जाती है. कांग्रेस को न तो नीट (NEET) परीक्षा से कोई सरोकार है और न ही बच्चों के भविष्य से मतलब है.”
शिक्षा मंत्री ने वर्तमान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि उत्तराखंड के इतिहास में सर्वाधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी देने का काम भाजपा सरकार ने किया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में ऐतिहासिक और सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लागू किया है, जिसके तहत युवाओं का चयन पूरी पारदर्शिता से हो रहा है. अब तक लगभग 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं. इसके लिए कांग्रेस को सरकार का धन्यवाद करना चाहिए.
क्या है ‘छात्रों की गूंज’ अभियान?
कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) द्वारा शुरू किया गया ‘छात्रों की गूंज’ एक राष्ट्रव्यापी अभियान है. उत्तराखंड में यह अभियान 40 दिनों तक 28 प्रमुख शहरों में चलाया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य हाल ही में हुए नीट (NEET) पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, देरी से आने वाले परिणाम और एनटीए (NTA) की कार्यप्रणाली के खिलाफ छात्रों और नौकरी के अभ्यर्थियों की आवाज को उठाना है. 17 जुलाई को देहरादून में होने वाले संवाद कार्यक्रम में राहुल गांधी युवाओं से मिलकर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनेंगे.
