
रुड़की | उत्तराखंड के हरिद्वार में कांवड़ मेले के समापन के तुरंत बाद अब रुड़की स्थित पिरान कलियर में विश्व प्रसिद्ध हजरत साबिर पाक का 758वां सालाना उर्स शुरू हो गया है। उर्स का विधिवत आगाज 14 अगस्त को पहली पारंपरिक रस्म ‘मेहंदी डोरी’ के साथ हुआ।देश-विदेश से आने वाले लाखों जायरीनों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और पार्किंग का फुलप्रूफ प्लान तैयार कर लागू कर दिया है।
सुरक्षा का खाका: 4 जोन और 16 सेक्टरों में बांटा गया मेला क्षेत्र
उर्स को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए मेला क्षेत्र को सेक्टर प्रणाली में विभाजित किया गया है:
- 600 पुलिस जवान मुस्तैद: मेले की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
- 4 जोन और 16 सेक्टर: पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से 4 जोन और 16 सेक्टरों में बांटा गया है, जहां अलग-अलग सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात रहेंगे।
- 1 KM दायरा ‘जीरो जोन’: सुरक्षा के लिहाज से दरगाह परिसर के 1 किलोमीटर के दायरे को ‘जीरो जोन’ घोषित किया गया है। इस पूरे इलाके में किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
ट्रैफिक और पार्किंग प्लान: 24 बैरियर और 13 पार्किंग स्थल
लाखों जायरीनों के वाहनों के कारण यातायात बाधित न हो, इसके लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है:
- 13 पार्किंग स्थल निर्धारित: देश के अलग-अलग राज्यों और मार्गों से आने वाले जायरीनों के वाहनों को रोकने के लिए 13 विशेष पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
- 24 स्थानों पर बैरियर: गाड़ियों की अनियंत्रित एंट्री को रोकने के लिए मुख्य मार्गों पर 24 स्थानों पर पुलिस बैरियर लगाए गए हैं।
- 23 से 28 अगस्त तक ‘नो-एंट्री’: उर्स के मुख्य दिनों यानी 23 अगस्त से 28 अगस्त तक आवश्यक सेवाओं (एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि) को छोड़कर अन्य सभी सामान्य वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
जेबकतरों पर नजर, BDS टीम और खोया-पाया सेल एक्टिव
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 758वां सालाना उर्स अगले 10 से 15 दिनों तक चलेगा, जिसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- असामाजिक तत्वों पर शिकंजा: भीड़ की आड़ में होने वाली चोरी और जेबकतरी की घटनाओं को रोकने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस टीमें तैनात रहेंगी और संदिग्धों के खिलाफ विशेष अभियान चलेगा।
- BDS व खोया-पाया केंद्र: सुरक्षा जांच के लिए बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) की टीम मुस्तैद रहेगी। साथ ही, मेले में बिछड़ने वाले लोगों को परिजनों से मिलाने के लिए ‘खोया-पाया सेल’ को 24 घंटे एक्टिव कर दिया गया है।
