UTTARAKHAND

नगरासू गुरुद्वारा विवाद: बंधक सेवादार की सुरक्षित रिहाई, स्थिति अब नियंत्रण में

  • क्या था विवाद: लंगर के दौरान प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच विवाद के बाद 7 निहंग तीसरी मंजिल पर चढ़ गए थे। वे कर्णप्रयाग में गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े थे।
  • अब क्या है स्थिति: प्रशासन के साथ तीन दौर की वार्ता के बाद निहंगों ने बंधक सेवादार को छोड़ा, गुरुद्वारे में अरदास और लंगर दोबारा सुचारू रूप से शुरू।
  • सरकार का कड़ा रुख: गृह सचिव शैलेश बगोली ने कहा- इस आपसी विवाद को सांप्रदायिक रंग देने वालों और सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में बदरीनाथ हाईवे पर स्थित नगरासू गुरुद्वारे में शनिवार शाम से चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा रविवार शाम करीब 27 घंटे बाद शांत हो गया है। जिला प्रशासन, पुलिस और निहंगों के बीच तीन दौर की लंबी वार्ता के बाद गतिरोध दूर हुआ। निहंगों ने बंधक बनाए गए सेवादार नवतेज सिंह को पूरी तरह सुरक्षित छोड़ दिया है। वहीं, छत पर चढ़े निहंगों में से एक अकाल सिंह भी नीचे आ गया है, जबकि बचे हुए छह निहंगों से प्रशासन की बातचीत जारी है।

गुरुद्वारे में रविवार शाम से श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ-साथ अरदास और लंगर की व्यवस्थाएं सामान्य रूप से बहाल कर दी गई हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम गुरुद्वारे में लंगर के दौरान प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच किसी बात को लेकर आपसी मतभेद हो गया था। इसकी सूचना जब पुलिस कंट्रोल रूम को मिली तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखकर निहंगों को लगा कि प्रबंध कमेटी ने उन्हें पकड़वाने के लिए पुलिस बुलाई है। इस गलतफहमी के बाद 7 निहंग गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल पर चढ़ गए।

निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार नवतेज सिंह समेत दो लोगों को अपने कब्जे में ले लिया था। इनमें से एक व्यक्ति को शनिवार देर रात ही छोड़ दिया गया था, जबकि सेवादार को रविवार शाम को वार्ता के बाद रिहा किया गया। निहंग 16 जून को चमोली के कर्णप्रयाग बाजार में हुए विवाद के मामले में गिरफ्तार किए गए अपने साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े थे।

प्रशासन और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए रुद्रप्रयाग की एसपी नीहारिका तोमर और जिलाधिकारी विशाल मिश्रा खुद मौके पर डटे रहे। एसपी नीहारिका तोमर ने करीब एक घंटे तक फोन पर निहंगों से सीधे बातचीत की। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस, एटीएस (ATS), आईटीबीपी (ITBP) और अन्य सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात किया गया था।

किसने क्या कहा: जानिए पूरे मामले पर प्रतिक्रियाएं

“हम सही सलामत हैं, आपसी मतभेद के कारण मोर्चा लगाया था”“हम पूरी तरह सही सलामत हैं। हम कर्णप्रयाग जाने के लिए नगरासू आए थे। यहां किसी बात को लेकर मतभेद हो गया था, जिसके कारण हमने मोर्चा लगा लिया था। अब हम नीचे उतर आए हैं। पुलिस प्रशासन ने हमारा पूरा सहयोग किया है और अब हम वापस अपने घर जा रहे हैं।”— अकाल सिंह, निहंग (जो नीचे उतर आए हैं)

“यह आपसी विवाद था, जनता या पुलिस से कोई टकराव नहीं”“लंगर के दौरान प्रबंध कमेटी और निहंगों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के पहुंचने पर निहंगों को लगा कि कमेटी ने पुलिस बुलाई है। दोनों बंधकों को सुरक्षित छोड़ दिया गया है। निहंगों की कुछ मांगें हैं, जिन पर शांतिपूर्वक बातचीत चल रही है। इनका विवाद स्थानीय जनता या पुलिस से नहीं है। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक पोस्ट की जांच के निर्देश दिए गए हैं।”— राजीव स्वरूप, आईजी गढ़वाल

“गुरुद्वारे पर कब्जे या हिंसा की बातें पूरी तरह असत्य”“नगरासू गुरुद्वारे में अरदास, लंगर और यात्रियों की आवाजाही सुचारु रूप से जारी है। सभी नागरिकों से अपील है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों पर ध्यान न दें। गुरुद्वारे में किसी प्रकार के कब्जे, हिंसा या लंबे समय तक बंधक बनाए जाने की बातें पूरी तरह असत्य और अपुष्ट हैं।”— विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग


सांप्रदायिक रंग देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: गृह सचिव

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के मार्ग पर हुए इस विवादित प्रकरण को लेकर उत्तराखंड सरकार ने अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। गृह सचिव शैलेश बगोली ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर चेतावनी दी कि इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • जांच के आदेश: गृह सचिव ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार यह मामला दो पक्षों के बीच आपसी विवाद और तात्कालिक भावनात्मक आवेश से जुड़ा है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जिम्मेदारी आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को सौंपी गई है। इसके अलावा एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।
  • अफवाह फैलाने वालों की पहचान: सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएं फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए कदम: यात्रियों और श्रद्धालुओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए वर्तमान में संचालित ‘चारधाम सेल’ को अब हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा। यह व्यवस्था यात्रा अवधि के दौरान चौबीसों घंटे (24×7) कार्य करेगी।
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