कर्णप्रयाग/चमोली: उत्तराखंड की आस्था के सबसे बड़े प्रतीक और ‘हिमालयी महाकुंभ’ के नाम से प्रसिद्ध श्रीनंदा देवी राजजात 2026 को आधिकारिक रूप से स्थगित कर दिया गया है। रविवार को कर्णप्रयाग में आयोजित श्रीनंदा देवी राजजात समिति की कोर कमेटी की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब इस यात्रा के आगामी वर्ष (संभावित 2027) में आयोजन की घोषणा वसंत पंचमी के पावन अवसर पर की जाएगी।
समिति के अध्यक्ष और कांसुवा के राजकुंवर डॉ. राकेश कुंवर की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्थगन के पीछे चार मुख्य कारण बताए गए हैं:
समिति के सचिव भुवन नौटियाल ने स्पष्ट किया कि 2026 की यात्रा के लिए अभी कोई आधिकारिक ‘दिनपट्टा’ (कार्यक्रम) जारी नहीं किया गया था। अब 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन आयोजित होने वाले मनौती महोत्सव में राजकुंवरों द्वारा ज्योतिष गणना के आधार पर राजजात के अगले वर्ष की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। तब तक मनौती के अन्य धार्मिक कार्यक्रम पूर्ववत चलते रहेंगे।
बैठक में केवल यात्रा स्थगित ही नहीं की गई, बल्कि भविष्य की यात्रा को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए:
श्रीनंदा देवी राजजात केवल एक यात्रा नहीं बल्कि हिमालयी संस्कृति की पहचान है। सातवीं-आठवीं सदी से चली आ रही इस पैदल यात्रा में चौसिंग्या मेंढा (चार सींगों वाला भेड़) पथ प्रदर्शक होता है। कुमाऊं और गढ़वाल के मेल वाली इस यात्रा में श्रद्धालु रिंगाल और भोजपत्र की छंतोलियां लेकर मीलों का पैदल सफर तय करते हैं।
इस बैठक में पंडित महानंद मैठाणी, सुशील रावत, जयविक्रम सिंह कुंवर, भुवन हटवाल सहित अन्य कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जबकि कुछ सदस्य वर्चुअली भी शामिल हुए।
4,000 वर्ग किमी में फैले जोन में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का होगा कड़ाई से…
5800 कर्मचारियों की बढ़ी आर्थिक परेशानी; शासन में अटकी 4.5 करोड़ की प्रतिपूर्ति, यूनियन ने…
10 अगस्त को सैलाब में बह गया था मोटर पुल; NDRF, SDRF, सेना और पुलिस…
साल के 12 महीने करोड़ों श्रद्धालुओं की आवाजाही से नदियां-पहाड़ प्रदूषित; अस्थायी सफाई छोड़ अब…
पिछले साल के मुकाबले 5.22 लाख ज्यादा पहुंचे यात्री; बदरीनाथ में सबसे ज्यादा 16.54 लाख…
मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…