UTTARAKHAND

सरकारी अस्पताल में डायलिसिस सुविधा की मांग

सरकारी अस्पताल में डायलिसिस सुविधा की मांग
पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशी सरफराज अहमद ने CMO को लिखा पत्र
सितारगंज और आसपास के ग्रामीण इलाकों के मरीजों को हो रही भारी परेशानी।

डायलिसिस के लिए रुद्रपुर और हल्द्वानी दौड़ने को मजबूर हैं गरीब मरीज।

सुलभ इलाज न मिलने से बढ़ रहा आर्थिक और मानसिक बोझ
टीवी 10 इंडिया मीडिया नेटवर्क
सितारगंज (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के जनपद ऊधम सिंह नगर के सितारगंज क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय स्तर पर मांग तेज होने लगी है। सितारगंज नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशी सरफराज अहमद (राजू) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को एक शिकायती व मांग पत्र भेजकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सरकारी अस्पताल) सितारगंज में जल्द से जल्द डायलिसिस सुविधा शुरू करने की मांग की है।

CMO को भेजे गए पत्र में सरफराज अहमद ने कहा कि सितारगंज और इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की एक बहुत बड़ी आबादी पूरी तरह से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है। वर्तमान में क्षेत्र के कई मरीज किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिन्हें डॉक्टरों द्वारा नियमित रूप से डायलिसिस कराने की सलाह दी जाती है।

निजी अस्पतालों का खर्च उठाने में असमर्थ हैं गरीब मरीज
सरफराज अहमद ने स्वास्थ्य विभाग का ध्यान मरीजों की दिक्कतों की ओर खींचते हुए कहा:

“सितारगंज के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की मशीनें और सुविधा उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को मजबूरन रुद्रपुर, हल्द्वानी या फिर अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। बार-बार इतनी लंबी यात्रा करने से मरीजों और उनके तीमारदारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। क्षेत्र के अधिकांश मरीज गरीब तबके से आते हैं, जो निजी अस्पतालों का महंगा इलाज कराने में पूरी तरह असमर्थ हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बार-बार दूर ले जाने में न सिर्फ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है, बल्कि कई बार आपातकालीन स्थिति में मरीज की जान पर भी बन आती है।

यथाशीघ्र डायलिसिस यूनिट स्थापित करने की मांग
पूर्व अध्यक्ष प्रत्याशी ने जनहित और मरीजों की सुरक्षा का हवाला देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अनुरोध किया है कि सितारगंज के सरकारी अस्पताल में प्राथमिकता के आधार पर एक डायलिसिस यूनिट की स्थापना की जाए। इसके साथ ही वहां आवश्यक आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षित स्टाफ और डॉक्टर तैनात किए जाएं, ताकि स्थानीय स्तर पर ही लोगों को समय पर और सस्ता इलाज मिल सके।

क्षेत्र की जनता को उम्मीद है कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर और महत्वपूर्ण विषय पर जल्द संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएगा।

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