UTTARAKHAND

सृष्टि कंडारी मौत मामला: CM धामी का बड़ा फैसला; अब CB-CID करेगी जांच, ससुराल पक्ष पर दर्ज है एफआईआर

  • देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिए लिखित आदेश
  • सचिवालय में निजी सचिव पति सौरभ खत्री, सास और ननद पर दर्ज है दहेज उत्पीड़न और हत्या का मुकदमा
  • सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उठाई थी निष्पक्ष जांच की मांग

देहरादून | देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र की निवासी और सरकारी शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब अपराध अनुसंधान विभाग (CB-CID) के पास पहुंच गया है। मामले की गंभीरता, परिजनों के आरोपों और जनता की लगातार उठ रही मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण की जांच CB-CID को सौंपने के लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद अब पूरे मामले की नए सिरे से गहन जांच होगी।

विधायक विनोद कंडारी की पहल पर CM का एक्शन

सृष्टि की मौत के बाद से ही परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना था कि पुलिस जांच में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी गहराई से पड़ताल होना जरूरी है। मामले को लेकर देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर प्रकरण को स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपने का अनुरोध किया था।

विधायक ने मुख्यमंत्री से कहा कि सृष्टि की मौत ने परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही सच सामने आ सकेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल गृह सचिव को जांच CB-CID को हस्तांतरित करने के निर्देश जारी कर दिए।

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि सृष्टि कंडारी की शादी नवंबर 2025 में हर्रावाला (देहरादून) निवासी सौरभ खत्री से हुई थी। सौरभ उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं, जबकि सृष्टि सरकारी शिक्षिका थीं।

सृष्टि के परिजनों का गंभीर आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और लगातार दहेज के लिए ताने देकर प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर सृष्टि ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया। मृतका की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति सौरभ खत्री, सास और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

अब नए सिरे से होगी पड़ताल, जांच एजेंसी करेगी ये काम:

  • साक्ष्यों की समीक्षा: CB-CID पुलिस की शुरुआती विवेचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी पहलुओं की दोबारा समीक्षा करेगी।
  • दोबारा पूछताछ: जांच एजेंसी घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आरोपी पक्ष, परिजनों और गवाहों के बयान नए सिरे से दर्ज कर सकती है।
  • लापरवाही की जांच: एजेंसी यह भी देखेगी कि पुलिस की शुरुआती जांच में कहीं कोई तथ्य छूटा तो नहीं या किसी एंगल पर ढिलाई तो नहीं बरती गई।

दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई: विधायक

मुख्यमंत्री के फैसले का स्वागत करते हुए देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि उन्हें CB-CID की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि जांच के जरिए दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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