UTTARAKHAND

हल्द्वानी बनभूलपुरा मामला: ‘सरकारी जमीन पर दावा अधिकार नहीं, सिर्फ रियायत’, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली: नैनीताल जिला मुख्यालय हल्द्वानी के बहुचर्चित बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले में मंगलवार (24 फरवरी) को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले लोग उसी जगह पुनर्वास (Rehabilitation) की मांग नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा कि जिस जमीन पर विवाद है, वह ‘पब्लिक प्रॉपर्टी’ है और वहां रह रहे लोगों को दी जाने वाली कोई भी राहत उनका कानूनी अधिकार नहीं, बल्कि एक ‘रियायत’ (Concession) होगी।

‘रेलवे लाइन कहां बिछेगी, यह कब्जा करने वाले तय नहीं कर सकते’
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रेलवे के विस्तार प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से दी गई इस दलील पर कि रेलवे पास की दूसरी खाली जमीन का इस्तेमाल कर सकता है, सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए जगह की जरूरत विशेषज्ञों, इंजीनियरों और इसे लागू करने वालों द्वारा तय की जाती है। अतिक्रमण करने वाले लोग यह तय नहीं कर सकते कि रेलवे अपनी लाइन कहां बिछाए या प्रोजेक्ट को कहां शिफ्ट करे।”

पीएम आवास योजना के तहत पुनर्वास का विकल्प
सुप्रीम कोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) को एक विकल्प के रूप में पेश किया। कोर्ट ने उत्तराखंड स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (SLSA) को निर्देश दिया कि वे 19 मार्च के बाद प्रभावित क्षेत्र में एक विशेष कैंप लगाएं। इस कैंप का उद्देश्य उन परिवारों की पहचान करना और उनकी मदद करना है जो पीएम आवास योजना के तहत घर पाने के पात्र (Eligible) हैं।

कोर्ट की मुख्य टिप्पणियां:

  1. अधिकार बनाम विशेषाधिकार: कोर्ट ने कहा कि सरकारी जमीन पर लंबे समय से रहने को अधिकार के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह पहली नजर में एक ‘विशेष सुविधा’ (Privilege) ज्यादा और ‘अधिकार’ (Right) कम लगता है।
  2. बुनियादी सुविधाओं का अभाव: सीजेआई ने टिप्पणी की कि वर्तमान में वहां न सीवेज है, न पानी की सही सप्लाई। ऐसे में उन लोगों को बेहतर मानवीय परिस्थितियों और किफायती आवास योजनाओं में स्थानांतरित करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
  3. रेलवे और सरकार का रुख: कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से पूछा कि क्या सरकार कुछ जमीन एक्वायर कर सकती है जहां इन परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत बसाया जा सके।

प्रशांत भूषण की दलीलें
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि वहां करीब 50,000 लोग दशकों से रह रहे हैं और राज्य सरकार ने पहले इस जमीन को नियमित (Regularize) करने का वादा किया था। हालांकि, जस्टिस बागची ने इसे खारिज करते हुए कहा कि क्योंकि जमीन सरकारी है, इसलिए राज्य को इसके इस्तेमाल का पूरा हक है। उन्होंने यह भी कहा कि 5,236 परिवारों के करीब 27,000 लोगों ने रेलवे की जमीन पर कब्जा कर रखा है, जिन्हें हमेशा के लिए वहां नहीं रहने दिया जा सकता।

आगे की कार्यवाही
सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल के कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को पूरा सहयोग दें। अथॉरिटी को परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और उनकी पात्रता पर एक रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट को सौंपनी होगी। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, ताकि इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद का एक स्थायी समाधान निकल सके।

यह मामला दिसंबर 2022 में उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश से शुरू हुआ था, जिसमें हल्द्वानी में रेलवे की 29 एकड़ जमीन से 50,000 लोगों को बेदखल करने का निर्देश दिया गया था। जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद से इस पर निरंतर सुनवाई चल रही है।

Tv10 India

Recent Posts

Amalaki Ekadashi 2026: 27 फरवरी को है आमलकी एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और आंवले के पेड़ की पूजा का महत्व

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और फाल्गुन मास के…

9 hours ago

मिशन 2027: अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार में फूंकेंगे चुनावी बिगुल, ‘जीत की हैट्रिक’ के लिए बनाएंगे मास्टरप्लान

देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)…

9 hours ago

टिहरी लेक फेस्टिवल: 6 मार्च से सजेगी साहसिक खेलों और सुरों की महफिल

देहरादून: उत्तराखंड के पर्यटन मानचित्र पर टिहरी झील एक बार फिर अपनी चमक बिखेरने के…

10 hours ago

बागेश्वर: ममता हुई शर्मसार, सास-ससुर से विवाद के बाद मां ने ही ली 22 दिन की मासूम की जान; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है।…

11 hours ago

Holashtak 2026: आज से शुरू हुए होलाष्टक, अगले 8 दिनों तक मांगलिक कार्यों पर रोक; जानें क्या करें और क्या न करें

नई दिल्ली (धर्म डेस्क): रंगों के त्योहार होली से ठीक आठ दिन पहले की अवधि को…

1 day ago

हरिद्वार: रिश्वतखोर जीएसटी कर्मचारी पर विजिलेंस का शिकंजा, ₹20 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

हरिद्वार: उत्तराखंड विजिलेंस (सतर्कता विभाग) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए…

1 day ago