UTTARAKHAND

उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा निर्णय: भूजल के व्यावसायिक दोहन पर सख्त नियम

उत्तराखंड में अब व्यावसायिक भू-जल दोहन पर लगेगा शुल्क। ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को मिली हरी झंडी और स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले पर बड़ा फैसला।

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 8 ऐतिहासिक प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने एक तरफ जहां पर्यावरण संरक्षण के लिए उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 को लागू किया है, वहीं दूसरी तरफ भू-जल के अनियंत्रित दोहन को रोकने के लिए व्यावसायिक जल प्रभार (Water Charges) लगाने का कड़ा फैसला लिया है।
1. पर्यावरण और ऊर्जा: ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए कैबिनेट ने ‘उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026’ को हरी झंडी दे दी है। राज्य में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध जल विद्युत का उपयोग अब स्वच्छ ईंधन बनाने में किया जाएगा। इससे न केवल नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी, बल्कि प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
2. संसाधन प्रबंधन: भू-जल पर लगेगा शुल्क राज्य में अब कृषि और सरकारी पेयजल व्यवस्था को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक कार्यों के लिए भू-जल निकालने पर शुल्क देना होगा। औद्योगिक इकाइयों, रेजिडेंशियल अपार्टमेंट, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और होटलों के लिए पंजीकरण शुल्क ₹5,000 तय किया गया है। यह निर्णय सुरक्षित और गंभीर क्षेत्रों में जल स्तर को सुधारने के लिए लिया गया है।
3. राजस्व और भूमि सुधार: सीधे खरीद की सुविधा परियोजनाओं में होने वाली देरी को कम करने के लिए सरकार ने अब भू-स्वामियों से सीधे भूमि खरीदने की प्रक्रिया निर्धारित की है। आपसी समझौते के आधार पर भूमि प्राप्ति से कानूनी मुकदमेबाजी कम होगी और विकास योजनाओं की लागत में भी कमी आएगी। साथ ही, सिडकुल की प्राग फार्म भूमि के उप-पट्टे (Sub-lease) के अधिकार को भी मंजूरी दी गई है।
4. स्वास्थ्य और शिक्षा में राहत कैबिनेट ने स्वास्थ्य कर्मियों को बड़ी राहत देते हुए 5 साल की सेवा के बाद पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी सहमति (Mutual Understanding) से जिला बदलने की अनुमति दी है। शिक्षा के क्षेत्र में देहरादून में ‘जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दी गई है, जो उच्च शिक्षा में निजी भागीदारी को बढ़ावा देगा।
5. सामरिक सुरक्षा और जनजातीय कल्याण चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी को अब वायु सेना और नागरिक उड्डयन के संयुक्त उपयोग (Advanced Landing Ground) के लिए रक्षा मंत्रालय को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके अलावा, देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में 4 नए जिला जनजाति कल्याण अधिकारियों के पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है।

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