देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की घोषणाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए शासन स्तर पर बड़ा फैसला लिया गया है। अब सीएम घोषणाओं की विभागीय स्तर पर हर सप्ताह और सचिव स्तर पर प्रत्येक 15 दिन में अनिवार्य रूप से समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, कार्यों की गति बढ़ाने के लिए सभी संबंधित विभागों में नोडल अधिकारी भी नामित किए जाएंगे।
सोमवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव वित्त आरके सुधांशु की अध्यक्षता में चंपावत विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी सीएम घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वर्ष 2021 से वर्षवार लंबित योजनाओं पर चर्चा करते हुए प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर और पूरी गंभीरता के साथ समय पर पूरा किया जाए।
चंपावत जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गोलू देवता, घोड़ाखाल और चितई मंदिर को मिलाकर एक विशेष ‘गोल्ज्यू कॉरिडोर’ बनाने की घोषणा की गई थी। बैठक में बताया गया कि इस प्रोजेक्ट के लिए व्यय वित्त समिति (EFC) की संस्तुति और मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है। इस पर प्रमुख सचिव ने पत्रावली को जल्द से जल्द वित्त विभाग को भेजने के निर्देश दिए।
चंपावत में जिम कॉर्बेट ट्रेल निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था में बदलाव किया गया है। पूर्व में नामित लोक निर्माण विभाग (PWD) के स्थान पर अब उत्तराखंड राज्य अवस्थापना विकास निगम (ब्रिडकुल) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रमुख सचिव ने जल्द शासनादेश जारी करने और एक सप्ताह के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भेजने के निर्देश दिए हैं। वहीं, चूका ट्रेक रूट के आंशिक सुदृढ़ीकरण का काम पूरा हो चुका है।
बैठक में जानकारी दी गई कि गुरु गोरखनाथ धाम में गोरखनाथ मंदिर मार्ग का चौड़ीकरण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा, चंपावत रोडवेज स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मल्टीस्टोरी पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है।
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