देहरादून: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ आया है। भारी विरोध प्रदर्शन और अंकिता के माता-पिता से बातचीत के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच कराए जाने की संस्तुति कर दी है। राज्य सरकार के इस फैसले के बाद अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है, जो सीबीआई जांच पर अंतिम निर्णय लेगी।
सीएम धामी बोले- सरकार ने की त्वरित कार्रवाई
सीबीआई जांच की सिफारिश करते हुए सीएम धामी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की थी। उन्होंने कहा कि बिना विलंब किए एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी (SIT) का गठन किया गया और सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया। सीएम ने दोहराया कि सरकार की पूरी संवेदना अंकिता के परिवार के साथ है और पैरवी में कोई कमी नहीं छोड़ी गई।
अचानक क्यों गरमाया मामला? ‘वीआईपी गट्टू’ का जिक्र
करीब तीन साल बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में तब आया, जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। फेसबुक लाइव के दौरान उर्मिला ने हत्याकांड में एक ‘वीआईपी गट्टू’ का जिक्र किया और एक ऑडियो क्लिप की बात की, जिसमें दावा किया गया कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास पूरी जानकारी है। इस खुलासे के बाद से ही मामले ने तूल पकड़ लिया।
11 जनवरी को उत्तराखंड बंद
नए खुलासों और सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस समेत कई संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जगह-जगह हो रहे धरना-प्रदर्शन के बीच संगठनों ने 11 जनवरी को ‘उत्तराखंड बंद’ का ऐलान किया है।
आरोपियों को सजा, लेकिन ‘वीआईपी’ का राज बरकरार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य आरोपी पुलकित आर्य (वनंत्रा रिजॉर्ट का मालिक), सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को इस मामले में उम्रकैद की सजा हो चुकी है। कोर्ट में करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी और 47 गवाहों के बयान दर्ज हुए। लेकिन अंकिता के परिजनों और विपक्ष का कहना है कि जिस ‘वीआईपी’ को ‘स्पेशल सर्विस’ देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था, उसका नाम आज भी एक राज बना हुआ है।
क्या था पूरा मामला?
18 सितंबर 2022 को वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर शव को चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। अंकिता ने घटना वाले दिन अपने दोस्त पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उस पर किसी बड़े वीआईपी को ‘अतिरिक्त सेवा’ (Extra Service) देने का दबाव बना रहा है। मना करने पर उसकी हत्या कर दी गई थी।
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