
देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में औपचारिक मंजूरी दे दी है, जिससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।
58% से बढ़कर 60% हुआ महंगाई भत्ता
राज्य सरकार द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार, केंद्र सरकार की तर्ज पर अब उत्तराखंड के कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलने वाला महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बढ़ी हुई दर 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इस फैसले का लाभ राज्य के लगभग दो लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और डेढ़ लाख से अधिक पेंशनभोगियों को मिलेगा।
महंगाई के बीच सरकार का बड़ा कदम
मौजूदा समय में पश्चिम एशिया में चल रहे विवाद और वैश्विक कारणों से ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस आर्थिक दबाव को देखते हुए सरकार का यह कदम कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चूंकि भत्ता 1 जनवरी से लागू होगा, इसलिए कर्मचारियों को जनवरी से अब तक की अंतर राशि (एरियर) का लाभ भी मिलेगा। हालांकि, एरियर के भुगतान की प्रक्रिया और तिथि को लेकर अभी विस्तृत शासनादेश आना बाकी है।
विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ की सौगात
महंगाई भत्ते के साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है। मुख्य स्वीकृतियों में शामिल हैं:
- आवास निर्माण: चंपावत (कोतवाली पंचेश्वर) में 3.13 करोड़, नैनीताल (फायर स्टेशन हल्द्वानी) में 36.64 करोड़ और चंपावत (थाना रीठा साहिब) में 3.47 करोड़ रुपये की लागत से पुलिसकर्मियों के लिए विभिन्न श्रेणी के आवासों का निर्माण होगा।
- पार्किंग सुविधा: अल्मोड़ा के मौलेखाल बाजार में पार्किंग निर्माण के लिए 5.91 करोड़ रुपये और चमोली के थराली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्वालदम बाजार में पार्किंग के लिए 61.57 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
सरकार के इस निर्णय से न केवल सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक संबल मिला है, बल्कि विभिन्न जिलों में बुनियादी ढांचे को भी मजबूती मिलेगी।
