उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक संपन्न: 15 प्रस्तावों को हरी झंडी, श्रमिकों से लेकर सामान्य वर्ग तक के लिए बड़े ऐलान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में राज्य के विकास, समाज कल्याण, न्याय, खेल और श्रम सुधारों से जुड़े 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में जहां एक ओर हल्द्वानी में नए हाईकोर्ट परिसर और राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय के संचालन के लिए बड़ी स्वीकृतियां दी गईं, वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के वेतन भुगतान, गंगा एक्सप्रेस-वे के हरिद्वार विस्तार और गौ पालन योजना को लेकर ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
कैबिनेट बैठक के 15 प्रमुख फैसले:
श्रमिकों के लिए मजदूरी संहिता नियमावली 2026: संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक डिजिटल माध्यम से वेतन देना अनिवार्य होगा। पुरुष और महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा।
हल्द्वानी (गौलापार) में नया हाईकोर्ट परिसर: नैनीताल हाईकोर्ट के गौलापार में विस्तार के लिए 30 हेक्टेयर भूमि देने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिली।
हल्द्वानी क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 पद मंजूर: राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय (90 एकड़ में निर्मित) के संचालन हेतु 122 पदों के सृजन को स्वीकृति। लक्ष्य- “मिशन ओलंपिक 2036″।
गंगा एक्सप्रेस-वे का हरिद्वार तक विस्तार: मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित करने को मंजूरी।
गौ पालन योजना में सामान्य वर्ग शामिल: अब सामान्य वर्ग के लोगों को भी गौ पालन योजना का लाभ मिलेगा। इसमें सब्सिडी के साथ अधिकतम दो पशु लेने का प्रावधान है।
ईको-टूरिज्म उच्चाधिकार समिति (HPC) का पुनर्गठन: मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति का पुनर्गठन किया गया, जो ‘जबरखेत मॉडल’ की तर्ज पर नए ईको-टूरिज्म हब विकसित करेगी।
कुष्ठ रोगियों को सहकारिता का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन; अब कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति भी समिति का सदस्य बन सकेगा।
SC/ST छात्रावास नियमावली 2026: समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के बेहतर संचालन के लिए नई नियमावली मंजूर।
उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली 2026: केंद्र के नए श्रम कानूनों के तहत विवाद समाधान को सरल बनाने, शिकायत समिति बनाने और छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा मौका देने का प्रावधान।
जल जीवन मिशन हस्तांतरण प्रोटोकॉल: ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग और ग्राम पंचायतों/जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण का प्रोटोकॉल स्वीकृत।
बंगाली अनुसूचित जाति सहायता कोष: सहायता कोष संचालन समिति (नियम-3) में संशोधन; उपाध्यक्ष और सदस्य के पद पर बंगाली SC समुदाय के प्रतिनिधि ही नामित होंगे।
उत्तराखंड जीएसटी (संशोधन) अध्यादेश 2026: केंद्र सरकार के जीएसटी अधिनियम में हुए बदलावों के अनुरूप राज्य में राजस्व सुरक्षा व अनुपालन सरल बनाने हेतु अध्यादेश को मंजूरी।
वन विकास निगम नियमावली: ‘उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली’ को मंजूरी; स्केलर पद के लिए अब 100 अंकों की परीक्षा होगी।
श्रमिकों के हितों का संरक्षण: नियोजन और कर्मकारों के बीच बेहतर संबंध बनाने तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था।
जड़ी-बूटियों व पर्यटन संवर्धन: वन क्षेत्रों में जड़ी-बूटियों के विपणन व पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु नीतिगत सुधारों को सहमति।
प्रमुख फैसलों का विस्तृत ब्यौरा:
1. श्रमिकों को 7 तारीख तक वेतन और समान काम का समान दाम
‘उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026’ और ‘उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026’ से प्रदेश के लाखों कामगारों को सुरक्षा मिली है। एम्प्लॉयर को हर महीने की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से डिजिटल मोड में वेतन देना होगा। साथ ही कार्यस्थल पर महिला और पुरुष श्रमिकों के बीच वेतन को लेकर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
2. हल्द्वानी बनेगा न्याय और खेल का बड़ा केंद्र
नया हाईकोर्ट परिसर: गौलापार में 30 हेक्टेयर भूमि पर मुख्य न्यायालय भवन, जजों के आवास, अधिवक्ता चैंबर, प्रशासनिक कार्यालय और विशाल पार्किंग का निर्माण किया जाएगा।
पहला स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी: गौलापार में 90 एकड़ में विकसित हो रहे उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय के लिए 122 पद मंजूर होने से इसके संचालन का रास्ता साफ हो गया है।
3. हरिद्वार से प्रयागराज की दूरी होगी कम
गंगा एक्सप्रेस-वे के मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार के लिए यूपी सरकार के साथ होने वाले समझौते से उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। हरिद्वार सीधे प्रयागराज, मेरठ और दिल्ली-एनसीआर से हाई-स्पीड कॉरिडोर द्वारा जुड़ जाएगा।