Uttarakhand: उत्तराखंड के करीब पांच लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए सभी सरकारी विभागों में बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी है। इस संबंध में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा सभी विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्य सचिव ने जारी किए आदेश
मंगलवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि 1 मई 2025 से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमीट्रिक तरीके से ही दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही सभी सरकारी कर्मियों को अपनी चल और अचल संपत्तियों का विवरण भी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
समय रहते लगाएं मशीनें
मुख्य सचिव ने कहा है कि जहां बायोमीट्रिक मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, वहां समय रहते मशीनें मंगा ली जाएं। जिन मशीनों में खराबी है, उन्हें भी जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि तय समय में बायोमीट्रिक व्यवस्था सुचारू रूप से लागू हो सके।
बदलाव का उद्देश्य
धामी सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में हाजिरी से जुड़ी हेराफेरी को रोकना और कर्मचारियों की समय पालन की प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करना है। यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और अनुशासन बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
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