Dhami government changed the names of two schemes: उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक महत्वपूर्ण योजना का नाम परिवर्तन किया है। राज्य सरकार ने वर्ष 2021-22 में ग्रामीण क्षेत्रों में लघु उद्योगों की स्थापना कर ग्रामीणों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से इस योजना को शुरू किया था। अब इस योजना का नाम बदलकर ‘ग्रामोत्थान योजना’ रख दिया गया है।इसके साथ ही, सरकार ने ‘रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर योजना’ का नाम भी बदलकर ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ रखा है।
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना’ का नाम बदलकर ‘ग्रामोत्थान योजना’ कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं के नामों को सरल बनाया जा रहा है, ताकि योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
इन योजनाओं का नाम बदला गया:
‘ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना’ का नाम बदलकर ‘ग्रामोत्थान योजना’ रखा गया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को उद्यमिता से जोड़कर सशक्त बनाना है। इसी तरह, ‘रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर योजना’ को भी नया नाम ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ दिया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण उद्यमियों को आर्थिक सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
नाम बदलने का उद्देश्य:
मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है, जहां व्यक्तिगत लाभार्थियों और समुदाय आधारित संगठनों को शामिल किया गया है।
‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ का है ये काम:
उत्तराखंड सरकार द्वारा ग्रामीण उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर (आरबीआई) एक सहयोगी कार्यक्रम चलाया गया है. ये कार्यक्रम नए व्यावसायिक विचारों, नए स्टार्टअप, नैनो उद्यमों वाले युवाओं को उनके व्यावसायिक लक्ष्यों में सफल होने में मदद करता है. यह कार्यक्रम इनक्यूबेट्स को विभिन्न सहायता, सलाह और प्रशिक्षण देकर उनकी उद्यमशीलता को राज्य और राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ता है. अब इसका नया नाम ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ रखा गया है.
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