
- जनभागीदारी से बनेगी नीति: उत्तराखंड के खिलाड़ी, प्रशिक्षक, खेल विशेषज्ञ, खेल संघ, अभिभावक और आम नागरिक नई खेल नीति के लिए अपने उपयोगी सुझाव दे सकते हैं।
- सुझाव देने की अंतिम तिथि: खेल विभाग ने ऑनलाइन, ईमेल और डाक के माध्यम से सुझाव भेजने के लिए 30 जुलाई 2026 तक का समय निर्धारित किया है।
- उपयोगी सुझावों पर सम्मान: खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि बेहतर और व्यावहारिक सुझावों को खेल नीति में शामिल किया जाएगा और सुझाव देने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।
- सुझाव भेजने के तीन माध्यम: नागरिक ऑनलाइन पोर्टल, आधिकारिक ईमेल आईडी और खेल निदेशालय, देहरादून के डाक पते पर अपने सुझाव भेज सकते हैं।
देहरादून। उत्तराखंड में खेलों के विकास और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार की जा रही ‘नई खेल नीति’ के निर्माण में अब आम जनता भी सीधे अपनी भागीदारी निभा सकेगी। खेल विभाग ने प्रदेश के खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों से इस नीति को बेहतर बनाने के लिए 30 जुलाई 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं।
कैसे और कहां भेजें अपने सुझाव?
खेल विभाग ने प्रदेशवासियों की सहूलियत के लिए सुझाव भेजने के तीन प्रमुख माध्यम तय किए हैं:
- ऑनलाइन पोर्टल: नागरिक सीधे खेल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.khelouk.in/contact-us पर जाकर अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं।
- ईमेल: सुझावों को सीधे आधिकारिक ईमेल आईडी info@khelouk.in पर भी भेजा जा सकता है।
- डाक के माध्यम से: लिखित रूप में सुझाव भेजने के लिए इस पते का उपयोग किया जा सकता है:
निदेशक, खेल विभाग, खेल निदेशालय, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर, थानो रोड, रायपुर, देहरादून-248008, उत्तराखंड।
बेहतर सुझाव देने वाले होंगे सम्मानित: खेल मंत्री रेखा आर्या
प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि सरकार एक ऐसी खेल नीति का निर्माण करना चाहती है जो उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों और खिलाड़ियों की व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुकूल हो। उन्होंने कहा:
“प्रदेशवासियों की भागीदारी से तैयार होने वाली यह खेल नीति उत्तराखंड में खेलों के विकास को नई दिशा देगी। हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग इस नीति निर्माण का हिस्सा बनें। केवल 30 जुलाई 2026 तक प्राप्त होने वाले सुझावों पर ही विचार किया जाएगा। प्राप्त सुझावों का बारीकी से परीक्षण किया जाएगा और सबसे उपयुक्त सुझावों को नई खेल नीति का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके अलावा, सबसे बेहतर और उपयोगी सुझाव देने वालों को विभाग द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।”
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
नई खेल नीति की रूपरेखा और जनभागीदारी की तैयारियों को लेकर आयोजित विभागीय बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, उपनिदेशक राजेश ममगाई और शक्ति सिंह उपस्थित रहे।
खेलों के विकास को मिलेगी नई दिशा
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को जमीनी स्तर से बढ़ावा देना है। खेल विभाग का मानना है कि जब नीति निर्माण में जमीनी स्तर से जुड़े लोगों, खिलाड़ियों के अभिभावकों और खेल विशेषज्ञों के सुझाव शामिल होंगे, तो यह नीति अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी साबित होगी।
