गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में एक तरफ जहां राज्यपाल का अभिभाषण चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ विधानसभा के बाहर सड़क पर सियासी पारा गरमाया हुआ था। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा की ओर कूच किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। बेकाबू भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को वाटर कैनन (पानी की बौछार) का भी इस्तेमाल करना पड़ा।
तीन बैरियर तोड़े, 1 किलोमीटर पहले रोके गए प्रदर्शनकारी
यूकेडी कार्यकर्ता दिवालीखाल (भराड़ीसैंण विधानसभा का प्रवेश द्वार) पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। प्रदर्शनकारियों का आक्रोश इतना था कि उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए तीन बैरिकेडिंग तोड़ डाले। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया, लेकिन वे नहीं रुके। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उन्हें विधानसभा से करीब 1 किलोमीटर पहले रोक लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और विधानसभा जाने की जिद पर अड़े रहे। वाटर कैनन चलाए जाने से नाराज कार्यकर्ताओं ने पुलिस-प्रशासन को जमकर खरी-खोटी भी सुनाई।
क्या हैं यूकेडी की प्रमुख मांगें?
यूकेडी कार्यकर्ताओं ने सरकार के सामने मुख्य रूप से ये मांगें रखीं:
नेताओं का सरकार और विधायकों पर तीखा हमला
यूकेडी युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा, “गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाना हमारी संवैधानिक मांग है। इस मांग के लिए 42 लोगों ने अपनी शहादत दी थी, तब जाकर राज्य बना था। आज शहादतों की बदौलत बने इस राज्य में नेता मौज काट रहे हैं, जबकि पहाड़ का आम आदमी स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव और जंगली जानवरों के हमलों के कारण दम तोड़ रहा है।”
वहीं, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने भी विधायकों को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “अब राजधानी छीन कर लेने का वक्त आ गया है। जो विधायक पहाड़ से चुनाव जीतते हैं और बाद में देहरादून या हल्द्वानी में जाकर बस जाते हैं, उनसे सवाल करने का समय है। आज भाजपा और कांग्रेस के नेता प्रॉपर्टी डीलिंग का काम कर रहे हैं और पहाड़ की भोली-भाली जनता को ठग रहे हैं।”
कई कार्यकर्ता गिरफ्तार, अस्थायी जेल भेजे गए
लगातार बढ़ते हंगामे और जोर-आजमाइश के बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यूकेडी युवा मोर्चा के अध्यक्ष आशीष नेगी समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आशीष नेगी और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को जंगलचट्टी स्थित अस्थायी जेल भेज दिया है, जबकि अन्य कार्यकर्ताओं को मेहलचोरी अस्थायी जेल ले जाया गया है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
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