निगम प्रबंधन ने सभी मंडलीय प्रबंधकों को पत्र भेजकर 17 अगस्त को आंदोलन के दौरान प्रभावित बस सेवा के नुकसान व कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।
देहरादून: राज्य निगम कर्मचारी महासंघ द्वारा तीन सितंबर को प्रस्तावित धरना और कार्य बहिष्कार में शामिल होने वाले कर्मचारियों के खिलाफ परिवहन निगम सख्त कार्रवाई करेगा। निगम प्रबंधन ने इस संबंध में सभी मंडलीय प्रबंधकों को पत्र जारी किया है, जिसमें 17 अगस्त के आंदोलन के दौरान प्रभावित बस सेवा के नुकसान और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
परिवहन निगम के महाप्रबंधक संचालन सीपी कपूर के आदेश के अनुसार, उत्तरांचल कर्मचारी संयुक्त परिषद और राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत तीन सितंबर को देहरादून में धरना, सचिवालय कूच, और इसके बाद कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई है। इस स्थिति में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि निगम की बस सेवाएं किसी भी कारण से स्थगित न हों और बस संचालन की दैनिक समीक्षा की जाए।
मंडल या डिपो स्तर पर संबंधित कर्मचारी संगठनों से बातचीत करने के लिए कहा गया है, ताकि बस सेवा सुचारू रूप से चलती रहे। यदि किसी बस सेवा में कार्यशाला या क्रू के कारण रुकावट आती है, तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यदि कोई कर्मचारी हाजिरी के बाद आंदोलन में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी ने बस संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न की, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, सभी मंडलीय प्रबंधकों और डिपो सहायक महाप्रबंधकों को अपने कार्यालय में मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है, और अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर किसी को अवकाश नहीं दिया जाएगा।
महाप्रबंधक ने यह भी निर्देश दिया कि 17 अगस्त को देहरादून, हल्द्वानी और टनकपुर में हुए धरना-प्रदर्शन से निगम को हुए नुकसान और अधिकारियों द्वारा की गई भरपाई या कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। तीन सितंबर की प्रस्तावित रैली के परिणामस्वरूप यदि निगम की बस सेवा प्रभावित होती है, तो उसके नुकसान की भरपाई संबंधित उपाधिकारियों या कर्मचारियों से की जाएगी।
निजी संचालकों को अनुमति से होगी निगम को आर्थिक हानि
महाप्रबंधक ने यह भी बताया कि रोडवेज के 14 मार्गों पर अब निजी संचालकों को भी वाहन संचालन की अनुमति मिलने से निगम को कम यात्री मिलने और आर्थिक हानि की संभावना है।
परिषद ने आंदोलन को दिया समर्थन
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ के तीन सितंबर को प्रस्तावित धरना और सचिवालय कूच को समर्थन दिया है। परिषद के महामंत्री दिनेश पंत ने निगम के एमडी आनंद श्रीवास्तव को एक पत्र भेजकर संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों की लंबी सेवा अवधि और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए नियमितिकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की मांग की है।
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