देहरादून: उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के तहत उपप्रधान पदों पर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने सोमवार को प्रदेश के 12 जिलों में उपप्रधान पद के चुनाव के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। हरिद्वार जिले को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी 12 जिलों की कुल 7,466 ग्राम पंचायतों में यह चुनाव आगामी 15 जुलाई को आयोजित किया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस चुनाव से जुड़ी नामांकन, मतदान और परिणाम की पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई को ही एक ही दिन में संपन्न कराई जाएगी ।
चुनाव का पूरा कार्यक्रम (15 जुलाई 2026)
मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुचारू ढंग से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने विस्तृत समय-सारणी निर्धारित की है :
- नामांकन पत्र दाखिल करना: सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक
- नामांकन पत्रों की जांच: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
- नाम वापसी का समय: दोपहर 12:00 बजे से 12:30 बजे तक
- चुनाव चिह्न आवंटन: दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
- मतदान की अवधि: दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक
- मतगणना एवं परिणाम घोषणा: शाम 04:00 बजे से (कार्य पूर्ण होने तक)
*यह पूरी चुनावी प्रक्रिया संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर ही आयोजित की जाएगी। संकेत दिए गए हैं कि मंगलवार को सभी संबंधित 12 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) अपने-अपने जनपदों के लिए विस्तृत अधिसूचना जारी कर देंगे।
ग्राम पंचायत सदस्य करेंगे मतदान
उल्लेखनीय है कि उपप्रधान के पद का चुनाव प्रत्यक्ष न होकर अप्रत्यक्ष प्रणाली से होता है। इस चुनाव में ग्राम सभा की जनता सीधे वोट नहीं डालती, बल्कि संबंधित ग्राम पंचायतों के सभी निर्वाचित सदस्य (वार्ड पंच) ही मतदाता के रूप में भाग लेते हैं।
निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के प्रशासन को कानून व्यवस्था और निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं ताकि पूरी चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।
