Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में मौसम ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। भीषण गर्मी के बीच अचानक आए मौसम में बदलाव ने राज्य के कई हिस्सों में तबाही मचाई है। सबसे दर्दनाक खबर चमोली जिले से आई है, जहां आकाशीय बिजली गिरने से भारी नुकसान हुआ है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

देहरादून/चमोली: उत्तराखंड में कुदरत का कहर बरपा है। मई के महीने में मानसून जैसी मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।सबसे बड़ा हादसा चमोली जिले में हुआ है, जहां बिजली गिरने से एक साथ 500 बकरियों की मौत हो गई। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है और बिजली गुल होने से कई इलाके अंधेरे में डूबे हैं।
चमोली में आसमानी बिजली का तांडव: 500 बकरियां मृत
चमोली जिले की निजमुला घाटी (दशोली ब्लॉक) के गौणा-भनाली तोक में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से भारी तबाही हुई। पहाड़ों पर डेरा डाले करीब एक दर्जन भेड़पालकों की 500 से अधिक बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में राकेश सिंह, हुकम सिंह और मदन लाल जैसे कई पशुपालकों की जीवन भर की जमापूंजी एक झटके में खत्म हो गई। पशुपालकों ने सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है, जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने मौके पर रवाना की गई है।
इन जिलों में स्कूलों की छुट्टी और अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) की भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है:
- ऑरेंज अलर्ट: अगले 24 से 48 घंटों के लिए देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और उधमसिंह नगर के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
- ऊंचाई वाले क्षेत्र: चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और बागेश्वर में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
बत्ती गुल और फसलों को नुकसान
- देहरादून: राजधानी देहरादून में रविवार रात आए भीषण तूफान और बारिश के कारण कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे शहर के कई इलाकों में घंटों तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
- तराई क्षेत्र: उधमसिंह नगर और खटीमा क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि ने आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
चारधाम यात्रियों के लिए सलाह
हालांकि चारधाम यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है, लेकिन प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाएं।बिजली चमकने या तेज आंधी के दौरान ऊंचे पेड़ों या कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का रुख: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन की टीमों के साथ मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (Landslide Zones) पर विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
