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सैलानियों के लिए एक अप्रैल को खुलेंगे Gangotri National Park के गेट

उत्तरकाशी : विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट 1 अप्रैल को पर्यटकों के लिए खोले जाएंगे। जिसके बाद पर्यटक गर्तांगली, नेलांग और गोमुख तपोवन की सैर कर सकें। भले ही गंगोत्री और गोमुख के बीच कई स्थानों पर हिमखंड के कारण ट्रैक अवरुद्ध है। हिमखंड की बर्फ हटाने और पिघलने में अभी समय लगेगा। ऐसे में केवल पर्वतारोही पर्यटकों को ही गोमख तपोवन जाने की अनुमति मिल सकती है। आम पर्यटकों को गोमुख-तपोवन की ट्रैकिंग के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान (Gangotri National Park) और ऐतिहासिक गर्तांग गली स्काईवॉक (Gartang Gali skywalk) 1 अप्रैल को पर्यटकों के लिए फिर से खुलेंगे, जो कि एक चार महीने की सर्दियों की छुट्टी के बाद होगी। यह उद्यान अपने धनी वनस्पति, जीव-जंतु, ट्रेकिंग और पर्वतारोहण मार्गों के लिए प्रसिद्ध है। यह उद्यान 1989 में गठित किया गया था और देश के तीसरे सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यानों में शामिल है। यह भारत-चीन सीमा के पास स्थित है। हर साल हजारों पर्वतारोहियों और श्रद्धालुओं के बीच यहां की दुर्लभ वनस्पति और जीव-जंतु का दर्शन करने के लिए आते हैं, साथ ही हिमालय की बर्फबर्फी चोटियों और गंगोत्री ग्लेशियर की स्रोत स्थली गोमुख के साथ। उद्यान का एक और महत्वपूर्ण आकर्षण 136 मीटर लंबा ऐतिहासिक गर्तांग गली स्काईवॉक है, जो भारत और तिब्बत के बीच एक व्यापार मार्ग के रूप में निर्मित किया गया था। यह 150 साल पुराना लकड़ी का पुल अगस्त में पुनर्स्थापित किया गया था।

दुनिया के पर्वतारोही भी गंगोत्री नेशनल पार्क में स्थित विश्व प्रसिद्ध चोटियों के आरोहण के लिए आते हैं। शीतकाल में 1 दिसंबर से लेकर 31 मार्च तक पार्क के गेट पर्वतारोही और सैलानियों के लिए बंद रहते हैं।

गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन आगामी 1 अप्रैल को पार्क के गेट खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्क के गेट खुलने पर पर्यटक गर्तांगली की सैर भी कर सकेंगे। गर्तांगली गेट पर भी पार्क की ओर से तैयारी की गई है।

गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में निम्नलिखित प्राणियों का दर्शन किया जा सकता है:

  • हिमालयी ब्लू शीप (भारल): यह उद्यान हिमालयी ब्लू शीप के घर है।
  • हिमालयी ताहर (भेड़िया): यहां हिमालयी ताहर का भी दर्शन किया जा सकता है।
  • हिमालयी ब्राउन बियर: यह उद्यान ब्राउन बियर के लिए भी जाना जा सकता है।
  • मस्क डियर: यहां मस्क डियर का भी दर्शन किया जा सकता है।
  • हिमालयी मोनाल (दाना): यह उद्यान हिमालयी मोनाल के लिए भी प्रसिद्ध है।
  • हिमालयी स्नोकॉक (हिमालयी शीतकुक्कुट): यहां इस प्रजाति का भी दर्शन किया जा सकता है।
  • कोकलास (जंगली मुर्गा): यह उद्यान कोकलास के लिए भी जाना जा सकता है।
  • हिमालयी गौमुख ग्लेशियर: गंगोत्री ग्लेशियर, जिसका उद्गम गंगा नदी है, यहां पार्क के अंदर स्थित है।
  • वनस्पति और जीव-जंतु: यह उद्यान ब्राउन बियर, काला बियर, भारल, अगराली भेड़िया, लाल लोमड़ी जैसे कई वन्यजीवों के दर्शन के लिए प्रसिद्ध है।
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