देहरादून/ऊखीमठ:
उत्तराखंड में ‘बारहमासी पर्यटन’ की अवधारणा अब धरातल पर उतरती दिख रही है। चारधामों के कपाट बंद होने के बाद उनके शीतकालीन प्रवास स्थलों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष शीतकालीन यात्रा में अब तक 27 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक उत्साह बाबा केदार की शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में देखने को मिल रहा है, जहाँ 17 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका।
पर्यटन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चारधामों के शीतकालीन स्थलों पर प्रतिदिन औसतन 500 से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कपाट बंद होने के बाद भगवान की शीतकालीन पूजाएं इन्हीं प्रवास स्थलों पर संपन्न होती हैं, जिन्हें अब पर्यटन विभाग बड़े स्तर पर प्रमोट कर रहा है।
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन को केवल सीमित समय तक न रखकर पूरे साल संचालित करने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “15 जनवरी 2026 तक के आंकड़े बेहद उत्साहजनक हैं। जो तीर्थयात्री मुख्य यात्रा सीजन के दौरान भीड़ या अन्य कारणों से धामों तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए शीतकालीन प्रवास स्थल पूजा-अर्चना का बेहतरीन विकल्प बन रहे हैं।”
पर्यटन विभाग की ओर से इन शीतकालीन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिले और श्रद्धालुओं को साल भर आध्यात्मिक शांति का अनुभव मिल सके।
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