
मसूरी: उत्तराखंड की पर्यटन नगरी मसूरी के मॉल रोड पर आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अनियंत्रित गोल्फ कार्ट बेकाबू होकर सीधे एक ऑप्टिकल (चश्मे) की दुकान में जा घुसी। इस हादसे में एक बच्ची को हल्की चोटें आई हैं, जबकि दुकान के बाहर मौजूद अन्य लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद पूरे मॉल रोड पर हड़कंप मच गया।
कैसे हुई घटना?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोल्फ कार्ट अचानक अनियंत्रित होकर तेज रफ्तार में दुकान की ओर बढ़ गई। मजदूर संघ के अध्यक्ष रणजीत सिंह चौहान ने घटना का चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि गोल्फ कार्ट का चालक गाड़ी में चाबी छोड़कर पास ही खड़ी गैस की गाड़ी के चालक से बात करने चला गया था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने कार्ट में लगी चाबी घुमाकर उसे स्टार्ट कर दिया, जिससे वह अनियंत्रित होकर सीधे दुकान के अंदर जा घुसी। गनीमत रही कि उस समय कार्ट में कोई यात्री सवार नहीं था।
व्यापारियों का आक्रोश: “मॉल रोड पर अव्यवस्था का आलम”
दुकान के मालिक अनीष अग्रवाल ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने मॉल रोड पर गोल्फ कार्ट संचालन को पूरी तरह ‘अव्यवस्था का शिकार’ बताया। अग्रवाल का आरोप है कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण नियमों को ताक पर रखकर कार्ट संचालित की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि क्षमता से अधिक सवारियां बिठाई जा रही हैं और अनुभवहीन चालकों के हाथों में स्टेयरिंग है, जो कभी भी किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे सकते हैं। स्थानीय व्यापारियों ने मांग की है कि मॉल रोड पर तुरंत गोल्फ कार्ट का संचालन बंद किया जाए या फिर सुरक्षा के कड़े नियम लागू हों।
नगर पालिका अध्यक्ष का पक्ष: “कोर्ट के स्टे के कारण हाथ बंधे”
इस मामले पर मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि वे मॉल रोड से गोल्फ कार्ट संचालन बंद करने का प्रस्ताव पहले ही पास कर चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संचालकों ने अदालत से ‘स्टे’ (रोक) लिया हुआ है, जिसके कारण नगर पालिका की कार्रवाई सीमित हो गई है। सकलानी ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी उन संचालकों और संगठनों की होगी जो कोर्ट के जरिए संचालन कर रहे हैं।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और गोल्फ कार्ट के संचालन व चालक की लापरवाही को लेकर गहन जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, यह घटना मॉल रोड की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
