
पौड़ी: गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने पौड़ी जनपद में लगातार बढ़ रही जंगल की आग (वनाग्नि) की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। बढ़ती गर्मी के बीच जिले के कई हिस्सों में जंगल धू-धू कर जल रहे हैं, जिससे वन संपदा और वन्य जीवों को भारी नुकसान हो रहा है।
सांसद ने खुद देखा आग का तांडव
घटना उस समय सामने आई जब सांसद अनिल बलूनी पौड़ी में ‘दिशा’ समिति की बैठक संपन्न करने के बाद वापस कोटद्वार लौट रहे थे। इस दौरान पौड़ी–सतपुली मार्ग पर उन्होंने जंगलों में भीषण आग लगी देखी। आग ने इतना विकराल रूप ले लिया था कि लपटें सड़क तक पहुंच चुकी थीं, जिससे आवाजाही और पर्यावरण के लिए खतरा पैदा हो गया था।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद ने तुरंत वन विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन लगाया। उन्होंने आग पर तत्काल काबू पाने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सांसद ने कहा कि उत्तराखंड की वन संपदा हमारी अमूल्य धरोहर है, जो केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारे जल स्रोतों और जैव विविधता का आधार भी है। इसे किसी भी कीमत पर नष्ट होने से बचाना हमारी प्राथमिकता है।
जनसहयोग की अपील
सांसद बलूनी ने आम जनता से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा, “जंगलों को आग से बचाने के लिए जनसहयोग अनिवार्य है। सभी नागरिक सतर्क रहें और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें, जिससे जंगलों में आग लगने का खतरा हो।”
वन विभाग की तैयारी
मामले पर डीएफओ (सिविल सोयम) पवन नेगी ने बताया कि विभाग अलर्ट मोड पर है। जिन भी क्षेत्रों से आग की सूचना मिल रही है, वहां टीमें तत्काल पहुंचकर आग बुझाने के प्रयास कर रही हैं। इसके अलावा आग पर नजर रखने के लिए विशेष रूप से ‘फायर वॉचर’ भी तैनात किए गए हैं, ताकि घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
