
पार्ले कंपनी में आयोजित विशेष जन-जागरूकता अभियान में विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि और कर्मचारी हुए शामिल।
नशे को बताया समाज का विनाशक, युवाओं से गलत संगत छोड़कर अनुशासन के मार्ग पर चलने का आह्वान।
साइबर अपराध से बचने के लिए 1930 और आपातकाल के लिए 112 हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार
टीवी 10 इंडिया मीडिया नेटवर्क
सितारगंज। जिले के युवाओं और औद्योगिक क्षेत्र के कर्मचारियों को सुरक्षित व जागरूक बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय गणपति ने एक बड़ी मुहिम शुरू की है। सोमवार, 8 जून 2026 को सिडकुल क्षेत्र की पार्ले कंपनी में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सिडकुल की विभिन्न कंपनियों से आए सैकड़ों प्रतिनिधियों और कर्मचारियों को नशे के दुष्परिणामों, सोशल मीडिया के खतरों, बढ़ते साइबर अपराध और सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति विस्तार से जागरूक किया गया।

‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘केवाईसी’ अपडेट के नाम पर होने वाले फ्रॉड से रहें सतर्क
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए एसएसपी अजय गणपति ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आजकल “डिजिटल अरेस्ट”, “ऑनलाइन जॉब फ्रॉड”, “लॉटरी स्कैम”, “केवाईसी अपडेट”, और “फेक क्यूआर कोड” के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है।
“साइबर अपराधों से बचने का सबसे बड़ा और अचूक हथियार केवल सतर्कता और जागरूकता ही है। किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें।”
— अजय गणपति, एसएसपी (ऊधमसिंहनगर)
उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित किया कि यदि कोई भी साइबर ठगी का शिकार होता है, तो बिना डरे तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों का करता है विनाश
एसएसपी ने युवा पीढ़ी को नशे और गलत संगत से दूर रहने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं और उन्हें अनुशासन व सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। नशा न सिर्फ एक व्यक्ति को खत्म करता है, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर ले जाता है। उन्होंने अपील की कि यदि आस-पास कोई नशे की चपेट में दिखे, तो उसे सुधारने का प्रयास करें और पुलिस या नशा मुक्ति हेल्पलाइन की मदद लें।
सोशल मीडिया का दुरुपयोग दे सकता है कानूनी और मानसिक तनाव
युवाओं में सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज पर बात करते हुए एसएसपी ने कहा कि यह जीवन का हिस्सा जरूर बन गया है, लेकिन इसका दुरुपयोग भारी पड़ सकता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को सलाह दी कि वे अपनी निजी जानकारियां और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें और रील या चैटिंग में बेवजह समय बर्बाद न करें।
सड़क पर अनुशासन ही जीवन की सुरक्षा
यातायात नियमों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस कप्तान ने कहा कि ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के वाहन चलाना और गाड़ी चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करना मौत को दावत देने जैसा है। सड़क पर बढ़ती दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
इमरजेंसी में तुरंत डायल करें ये नंबर:
पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी कर्मचारियों को आपातकालीन नंबरों की जानकारी दी गई और इन्हें अपने मोबाइल में सेव रखने को कहा गया:
साइबर हेल्पलाइन: 1930
पुलिस आपातकालीन सेवा: 112
महिला हेल्पलाइन: 1090
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
सिडकुल एसोसिएशन ने जताया पुलिस का आभार
इस बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक सत्र के लिए सिडकुल वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गेश मोहन, विनय डबराल, पूर्व अध्यक्ष कृष्णा सत्यवाली, परमेश्वर शर्मा और रितनेश चौहान सहित विभिन्न उद्योगों से आए प्रतिनिधियों ने एसएसपी अजय गणपति और ऊधमसिंहनगर पुलिस का आभार व्यक्त किया। अंत में एसएसपी ने संदेश दिया कि जागरूकता ही एक सुरक्षित समाज की आधारशिला है और पुलिस हर नागरिक को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है।
