
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने देहरादून में आयोजित ‘हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड के विभिन्न सामाजिक, जनसांख्यिकीय और सुरक्षा संबंधी विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए और केंद्र व राज्य सरकार के कार्यों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
पीएम मोदी के 12 साल के कार्यकाल की सराहना
सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. तोगड़िया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 12 वर्षों के कार्यकाल पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल से भी बेहतर तरीके से सरकार चलाई है। उन्होंने मोदी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाया गया, कश्मीर में आतंकवाद पर काफी हद तक लगाम लगाई गई और देश में नक्सलवाद को लगभग समाप्त कर दिया गया है।
डॉ. तोगड़िया ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश से सभी बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पीएम मोदी अपने कार्यकाल में युवाओं को रोजगार और किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिलाने की दिशा में भी आवश्यक काम करेंगे।
यूसीसी के लिए सीएम धामी को दी बधाई, चारधाम पर रखी बड़ी मांग
उत्तराखंड सरकार के कार्यों पर बात करते हुए डॉ. तोगड़िया ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लाने के लिए बधाई दी और इसे एक बेहतर कदम बताया।
इसी के साथ उन्होंने एक बड़ी मांग उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड के चारों धामों (गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह से कड़ाई से रोक लगनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से अपील की कि चारधाम क्षेत्रों में गैर-हिंदुओं द्वारा किए जा रहे व्यापार पर भी तुरंत आपत्ति जताते हुए रोक लगाई जाए और इस संबंध में सख्त प्रतिबंध लागू किए जाएं।
पर्वतीय क्षेत्रों की जनसांख्यिकी और सुरक्षा पर चिंता
सम्मेलन में डॉ. तोगड़िया ने उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही अवैध घुसपैठ पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में एक विशेष समुदाय की अवैध घुसपैठ को तुरंत रोकने की आवश्यकता है। यदि इस पर समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इन क्षेत्रों की जनसांख्यिकी (demography) प्रभावित हो सकती है, जो भविष्य में राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक गंभीर खतरा बन सकती है।
उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित लोगों से समाज की एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और राष्ट्रहित के मुद्दों पर एकजुट होकर संगठित तरीके से काम करने का आह्वान किया।
