
- श्रद्धालुओं के रात्रिकालीन सफर को सुरक्षित बनाने के लिए लगाए जाएंगे 792 सोलर स्ट्रीट लाइट और 50 हाईमास्ट लाइट
- चमोली जिला प्रशासन और उरेडा की पहल से पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
चमोली। विश्व की सबसे बड़ी पैदल धार्मिक यात्रा मानी जाने वाली नंदा राजजात यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक सोलर प्रकाश व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 2 करोड़ 25 लाख 79 हजार 832 रुपये की लागत से पूरे यात्रा पथ पर 792 सोलर स्ट्रीट लाइटें और 50 सोलर हाईमास्ट लाइटें स्थापित की जाएंगी।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशन में यात्रा की तैयारियों को गति देते हुए उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) ने इस परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। उरेडा द्वारा स्वीकृत की गई पूरी धनराशि जनपद चमोली को जारी कर दी गई है।
परियोजना का बजट और आवंटन:
- सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना: इसके लिए 1 करोड़ 52 लाख 42 हजार 832 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके तहत यात्रा मार्ग पर 792 लाइटें लगेंगी।
- सोलर हाईमास्ट लाइटों की स्थापना: मुख्य पड़ावों और चिन्हित स्थलों पर रोशनी के लिए 50 हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएंगी, जिस पर 73 लाख 37 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
गुणवत्ता जांच के लिए होगी ‘थर्ड पार्टी’ टेस्टिंग
परियोजना के अंतर्गत यात्रा मार्ग के चिन्हित दुर्गम और संवेदनशील स्थलों पर निर्धारित मानकों के अनुरूप ही सोलर लाइटें स्थापित की जाएंगी। कार्य की उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण के साथ-साथ तृतीय पक्ष परीक्षण (Third-Party Testing) की व्यवस्था भी की गई है, ताकि भविष्य में तकनीकी खामियों से बचा जा सके।
सुरक्षित रहेगा रात्रिकालीन आवागमन: जिलाधिकारी
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने तैयारियों को लेकर कहा कि नंदा राजजात यात्रा में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सोलर लाइटें स्थापित होने से दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध रहेगी, जिससे श्रद्धालुओं का रात्रिकालीन आवागमन बेहद सुरक्षित हो जाएगा। यह पहल न केवल यात्रा मार्ग को रोशन करेगी, बल्कि पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी, जिससे नंदा राजजात यात्रा के आयोजन को एक टिकाऊ और आधुनिक स्वरूप मिल सकेगा।
