
खबर की मुख्य बातें:
- 3 अधिकारी निलंबित: लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता के आरोप में लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता सस्पेंड।
- जांच रिपोर्ट में खुलासा: टोंस नदी के बहाव को मोड़ने (रिवर ट्रेनिंग वर्क) की व्यवस्था न करने के कारण हुआ कटाव, जिससे धंसी एप्रोच रोड।
- कंसलटेंट पर भी कार्रवाई: लोनिवि सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने विभागाध्यक्ष को डिजाइन कंसलटेंट के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
देहरादून: देहरादून में नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड धंसने के मामले में शासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। प्रथमदृष्टया लापरवाही बरतने और पर्यवेक्षण में शिथिलता के चलते लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) प्रांतीय खंड देहरादून के तीन अधिकारियों—अधिशासी अभियंता (EE), सहायक अभियंता (AE) और कनिष्ठ अभियंता (JE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इन अधिकारियों पर गिरी निलंबन की गाज
लोनिवि सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय की ओर से जारी आदेश के अनुसार निलंबित किए गए अधिकारियों में शामिल हैं:
- राजेश कुमार (अधिशासी अभियंता – EE)
- अमित त्यागी (सहायक अभियंता – AE)
- नवीन गैरोला (कनिष्ठ अभियंता – JE)
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तीनों अधिकारियों ने तकनीकी निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण, अनुबंधीय शर्तों के अनुपालन और अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया। तीनों के खिलाफ दीर्घ शास्ति (Major Penalty) की कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।
गौरतलब है कि गत 28 जुलाई को नंदा की चौकी के पास टोंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड अचानक धंस गई थी, जिससे लोक निर्माण विभाग की निर्माण कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता ने जांच की और 3 अगस्त को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि टोंस नदी के तेज बहाव को मोड़ने और ‘रिवर ट्रेनिंग वर्क’ (River Training Work) करने की आवश्यकता थी, लेकिन विभाग द्वारा इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते नदी का पूरा बहाव एक तरफ केंद्रित हो गया, जिससे एप्रोच रोड के नीचे तेजी से कटाव हुआ और सड़क धंस गई।
लोनिवि सचिव ने विभाग के अध्यक्ष (HOD) को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना के डिजाइन कंसलटेंट के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, पुल को भविष्य में सुरक्षित रखने और कटाव रोकने के लिए रिपोर्ट में बताए गए सुझावों के आधार पर एक समयबद्ध (Time-bound) कार्ययोजना तैयार कर तत्काल काम शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
