
- सर्च ऑपरेशन जारी: टनल में पानी और मलबा बड़ी चुनौती, सक्शन पंप की मदद से तेजी से घटाया जा रहा जलस्तर।
- मृतक की पहचान: छत्तीसगढ़ निवासी देवनाथ बघेल के रूप में हुई शिनाख्त, 12 मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
- मौत का ब्योरा: जान गंवाने वालों में उत्तर प्रदेश के 3, छत्तीसगढ़ के 3 और उत्तराखंड के 2 श्रमिक शामिल।
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी (मायापुर) स्थित टीएचडीसी (THDC) की निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना की टनल में हुए दर्दनाक हादसे के चौथे दिन शनिवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी रहा। सघन सर्च अभियान के दौरान बचाव दलों ने टनल से एक और श्रमिक का शव बरामद कर लिया है। इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है, 2 मजदूर अब भी टनल के अंदर लापता हैं, जिनकी तलाश में एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और जिला प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं।
छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे देवनाथ बघेल
पीपलकोटी चौकी इंचार्ज लक्ष्मीकांत बिजलवाण के अनुसार, टनल के भीतर मलबे और पानी के बीच से बरामद किए गए शव की पहचान देवनाथ बघेल (पुत्र धनसु राम बघेल, निवासी ग्राम व पोस्ट दहीगोंडा, छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। शव का पंचनामा भर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
टनल में भरा पानी बना सबसे बड़ी बाधा, सक्शन पंप से निकासी जारी
हादसे के बाद से टनल में भारी मात्रा में पानी और दलदली मलबा भरा हुआ है, जिससे बचाव कर्मियों को अंदर जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- रेस्क्यू टीमों ने सक्शन पंप और अन्य भारी मशीनों के जरिए पानी निकालने की गति बढ़ा दी है।
- अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे पानी का स्तर कम हो रहा है, टीमों की पहुंच टनल के अंतिम छोर तक आसान हो रही है।
- शेष बचे 2 लापता श्रमिकों को ढूंढने के लिए संभावित स्थानों पर बारीकी से तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
12 मजदूर सुरक्षित निकाले गए थे, 11 का इलाज जारी
13 अगस्त की शाम हुए इस हादसे के वक्त टनल में कुल 22 मजदूर कार्यरत थे।
- हादसे के बाद तुरंत शुरू किए गए अभियान में 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
- इनमें से 11 घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि 1 मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
- हादसे में अब तक जान गंवाने वाले 8 श्रमिकों में उत्तर प्रदेश के 3, छत्तीसगढ़ के 3 और उत्तराखंड के 2 मजदूर शामिल हैं।
प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता- लापता मजदूरों की तलाश
जिला प्रशासन, पुलिस, सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें आपसी समन्वय के साथ टनल के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोनों लापता श्रमिकों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान बिना रुके जारी रहेगा।
