
चमोली: उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले की जांच अब मंदिर के ‘कुबेर के खजाने’ तक पहुंच गई है. बुधवार को चढ़ावे की नियमित गणना करने के साथ ही पुलिस की जांच टीम ने कुबेर के खजाने में सुरक्षित रखी गई बहुमूल्य वस्तुओं और उनसे संबंधित अभिलेखों (दस्तावेजों) का गहन सत्यापन किया. इस दौरान पूरे दिन विशेषज्ञ लेखाकारों (अकाउंटेंट्स) की टीम खजाने से जुड़े रिकॉर्ड्स का बारीकी से मिलान करती रही.
अभिलेखों में दर्ज सभी वस्तुएं खजाने में सुरक्षित
मामले की जांच कर रही टीम के पर्यवेक्षक और पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि कुबेर के खजाने में रखी गई सभी बहुमूल्य वस्तुओं का अभिलेखों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है. अब तक की जांच में जिन भी वस्तुओं का विवरण सरकारी दस्तावेजों और अभिलेखों में दर्ज है, वे सभी खजाने में पूरी तरह सुरक्षित मिली हैं। उन्होंने बताया कि जांच को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक रिकॉर्ड का बेहद सूक्ष्मता से परीक्षण किया जा रहा है.
बीकेटीसी के सीईओ ने किया पटलों का निरीक्षण
इस बीच, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बदरीनाथ मंदिर क्षेत्र का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर समिति के सभी पटलों (विभागों) का भी गहन निरीक्षण किया। सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि चढ़ावे की हेराफेरी के इस संवेदनशील मामले में पुलिस की जांच टीम को मंदिर समिति द्वारा पूरा सहयोग दिया जा रहा है, ताकि सच सबके सामने आ सके.
