UTTARAKHAND

बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: पूर्व BKTC अध्यक्ष गणेश गोदियाल का पलटवार, कहा- ‘अपने पापों को छिपाने के लिए मेरे कार्यकाल पर सवाल उठा रही सरकार’

  • देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने देहरादून प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीकेटीसी के मौजूदा अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के इस्तीफे की मांग की।
  • आरोपों पर सफाई: गोदियाल ने कहा कि वर्तमान सरकार और बीकेटीसी अध्यक्ष अपने ऊपर लगे आरोपों से ध्यान भटकाने के लिए उनके पुराने कार्यकाल को निशाना बना रहे हैं।
  • प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति पर सवाल: गोदियाल ने स्पष्ट किया कि आरोपी प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति 2003 में हुई थी। उनके कार्यकाल में नौटियाल की ऐसी कोई ड्यूटी नहीं थी।
  • देवस्थानम बोर्ड पर निशाना: पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर पलटवार करते हुए गोदियाल ने कहा कि केवल बोर्ड को भंग करने से व्यवस्थाएं ठीक नहीं होतीं, प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी पड़ती है।

देहरादून। उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मौजूदा अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल इस मुद्दे पर पूरी तरह आमने-सामने आ गए हैं। मंगलवार को देहरादून प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गणेश गोदियाल ने बीकेटीसी अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

‘अपने पापों को छिपाने के लिए मेरे कार्यकाल को बना रहे निशाना’

गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि बीकेटीसी के मौजूदा अध्यक्ष और प्रदेश सरकार मंदिर में हुई चोरी के गंभीर आरोपों से खुद को बचाने के लिए उनके पुराने कार्यकाल पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “अपने पापों को छिपाने के लिए मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। अगर सरकार में हिम्मत है तो इन आरोपों को सिद्ध करके दिखाए। सरकार असल में बीकेटीसी के जिम्मेदार लोगों को बचाना चाहती है।”

प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति और ड्यूटी पर दी सफाई

चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को लेकर चल रही चर्चाओं पर गोदियाल ने स्पष्ट किया, “प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति वर्ष 2003 में हुई थी। मेरे कार्यकाल (2014-2017) के दौरान उनकी ऐसी कोई महत्वपूर्ण ड्यूटी नहीं थी। यदि उनके खिलाफ पहले कोई जांच हुई थी, तो उसकी रिपोर्ट कहां है? अभी तक उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? इन सभी सवालों के जवाब मौजूदा सरकार और बीकेटीसी प्रशासन को देने चाहिए।”

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए नेता प्रतिपक्ष की अध्यक्षता में विधानसभा की एक विशेष जांच कमेटी बनाने की अपनी मांग को दोबारा दोहराया।

देवस्थानम बोर्ड को लेकर त्रिवेंद्र रावत पर पलटवार

हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा देवस्थानम बोर्ड के पक्ष में दिए गए बयान पर भी गोदियाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि इन्हीं गड़बड़ियों को रोकने के लिए बीकेटीसी को भंग कर देवस्थानम बोर्ड बनाया गया था। लेकिन मेरा मानना है कि केवल किसी बोर्ड को भंग कर देने से व्यवस्थाएं ठीक नहीं हो जातीं। इसके लिए प्रशासन को अपनी व्यवस्थाएं बेहतर करनी होती हैं।”

खाली कुर्सी दिखाकर दिया चैलेंज

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोदियाल ने अपने बगल में रखी खाली कुर्सी की तरफ इशारा करते हुए कहा, “मैंने सोशल मीडिया पर चल रही बहस को देखते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को आमने-सामने आकर बात करने का न्यौता दिया था। उनके लिए बगल में कुर्सी भी लगाई गई थी, लेकिन वह नहीं आए। अगर भविष्य में वह कहीं और चर्चा के लिए बुलाएंगे, तो मैं वहां भी जाने को तैयार हूं।”

बिनसर मंदिर निर्माण पर आरोपों का दिया जवाब

अपने कार्यकाल में बिनसर (पौड़ी) में मंदिर निर्माण से जुड़े आरोपों पर गोदियाल ने विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा, “शंकराचार्य जी द्वारा स्थापित बिनसर मंदिर की स्थिति काफी दयनीय थी। स्थानीय जनता की मांग पर बीकेटीसी बोर्ड की बैठक में बकायदा इसका प्रस्ताव पास कर जीर्णोद्धार का काम शुरू कराया गया था। मंदिर बनाना कोई अनैतिक कार्य नहीं है। उस समय बोर्ड में मेरे अलावा ज्यादातर सदस्य भाजपा समर्थित ही थे।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि साल 2017 में सरकार बदलने के बाद राजनीतिक द्वेष के चलते धन सिंह रावत ने अपनी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए पौड़ी के डीएफओ के जरिए उस काम को रुकवा दिया। काम रुकने तक करीब 9 लाख रुपये खर्च हो चुके थे, जबकि पूरे काम का बजट ढाई से तीन करोड़ रुपये का था। बाद में त्रिवेंद्र सरकार ने देवस्थानम बोर्ड की बैठक में इसी मंदिर के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था।

नैतिकता के आधार पर हो इस्तीफा

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस पूरे प्रकरण से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। इसके लिए उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री और बीकेटीसी अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मामले को दबाने की कोशिशों के कारण ही यह स्थिति बनी है। उन्होंने हेमंत द्विवेदी से नैतिकता के आधार पर तुरंत इस्तीफा देने की मांग की।

Tv10 India

Recent Posts

विकास के लिए उजड़ रही हरियाली: भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर पर्यावरण प्रेमियों के तीखे विरोध के बीच कटे 100 पेड़

चार दिन बाद दोबारा शुरू हुआ काम: भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के तहत स्थानीय विरोध के कारण…

46 mins ago

राजाजी टाइगर रिजर्व में रेलवे ट्रैक पर हाथियों की सुरक्षा के लिए तैनात होगी AI तकनीक, जल्द शुरू होगा काम

देहरादून। उत्तराखंड के राजाजी टाइगर रिजर्व (RTR) से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर हाथियों और अन्य…

2 hours ago

उत्तराखंड में मौसम का येलो अलर्ट: देहरादून समेत 5 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, अगले 5 दिन सतर्क रहने की सलाह

देहरादून, । उत्तराखंड में मानसून की मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया…

22 hours ago

“चंदा चोरों को 2027 के चुनाव में सबक सिखाएगी जनता”, कालसी में भाजपा सरकार पर बरसे कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह

विकासनगर, 13 जुलाई 2026। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सभी…

22 hours ago

देहरादून: डालनवाला में फ्लैट सीलिंग के दौरान जमकर चले लात-घूंसे; एमडीडीए ने सील किया चौथा फ्लोर, दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज

देहरादून, 13 जुलाई। देहरादून के पॉश इलाके डालनवाला थाना क्षेत्र के अंतर्गत कृष्ण कॉलोनी में सोमवार…

23 hours ago

शिकायत से लेकर तैनाती तक का सफर: जिस लोकसभा सचिवालय से उठा था विवाद, अब वहीं जॉइंट सेक्रेटरी बने IAS सविन बंसल

देहरादून, । उत्तराखंड कैडर के वर्ष 2009 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सविन बंसल को लेकर…

23 hours ago