- SIT की कड़ी पूछताछ और CCTV फुटेज देखने के बाद मुख्य आरोपी ने स्वीकार की संलिप्तता।
- सरकारी आवास से सोने का मुकुट, आभूषण, शालिग्राम, नकदी और चांदी की मूर्तियां बरामद।
- 4 दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद आरोपी को पुरसाड़ी जेल भेजा गया।
- चोरी के पीछे किसका हाथ था और कौन-कौन शामिल थे, इस दिशा में SIT की जांच जारी।

चमोली (उत्तराखंड)
बदरीनाथ धाम से जुड़े बहुचर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को बड़ी सफलता मिली है। चार दिन की पुलिस रिमांड पर चल रहे मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल ने लंबी और गहन पूछताछ के बाद आखिरकार अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
CCTV और कड़े साक्ष्य देख कबूला जुर्म
बदरीनाथ के थाना प्रभारी (SHO) महादेव उनियाल ने बताया कि आरोपी प्रमोद नौटियाल से कई चरणों में पूछताछ की गई। शुरुआत में वह लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार करता रहा और जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब SIT ने उसके सामने घटनास्थल की CCTV फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्य रखे, तो वह टूट गया। आरोपी ने स्वीकार किया कि बदरीनाथ धाम में हुई चोरी में वह शामिल था और उसने माना कि उससे बड़ी गलती हुई है।
सरकारी आवास से बरामद हुआ चोरी का कीमती सामान
एसआईटी की जांच के दौरान आरोपी के सरकारी आवास से भारी मात्रा में चोरी की सामग्री बरामद की गई है। इसमें नकदी, सोने के आभूषण, शालिग्राम, चांदी की मूर्ति, चांदी का नाग और नेपाली मुद्रा शामिल है। इसके अलावा, पूर्व में धाम से चोरी गया बेहद कीमती ‘सोने का मणि जड़ित मुकुट’ भी पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है। इन्हीं बरामदगियों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी से पूछताछ को आगे बढ़ाया गया था।
किसके कहने पर हुई चोरी? मास्टरमाइंड की तलाश
हालांकि आरोपी ने चोरी में अपनी भूमिका तो स्वीकार कर ली है, लेकिन जांच एजेंसियों के सामने अभी भी कई अहम सवाल अनसुलझे हैं। पुलिस के अनुसार, प्रमोद नौटियाल ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वह यह सब किसके इशारे पर कर रहा था और इस पूरे षड्यंत्र में उसके साथ अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। SIT अब इस पूरे नेटवर्क और संभावित मास्टरमाइंड का सुराग लगाने के लिए कई अन्य पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है।
दोबारा पुरसाड़ी जेल भेजा गया आरोपी
चार दिन की पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद प्रमोद नौटियाल को वापस न्यायिक अभिरक्षा में पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है। SIT अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि आगे किसी नए मोड़ पर आवश्यकता महसूस हुई, तो आरोपी की दोबारा पुलिस रिमांड हासिल करने के लिए अदालत में याचिका दायर की जाएगी।
मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है और संलिप्तता की पुष्टि होने पर अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
