देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति और भारतीय सेना के एक अत्यंत सम्मानित व्यक्तित्व, पूर्व मुख्यमंत्री और गढ़वाल राइफल्स के कर्नल मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) का आज निधन हो गया है। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और एक निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
धामी सरकार ने की तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा
मेजर जनरल खंडूरी के सम्मान में उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।
अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
निधन के उपरांत उनका पार्थिव शरीर उनके आवास पर लाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और उनके प्रशंसक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कल, 20 मई को सुबह 10 बजे उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए भाजपा प्रदेश कार्यालय में रखा जाएगा। इसके पश्चात, हरिद्वार में पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
मेजर जनरल खंडूरी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी भावुक नजर आए। उन्हें अपना ‘राजनीतिक गुरु’ बताते हुए जोशी ने कहा, “उनका व्यक्तित्व अत्यंत विराट था। वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि अनुशासन और ईमानदारी के प्रतीक थे। सभी राजनीतिक दल उनका बेहद सम्मान करते थे। उनका जाना एक युग का अंत है।”
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का जाना उत्तराखंड के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
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