रामनगर:
नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने रामनगर में विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने ‘वंदे मातरम’, देश में चीनी के स्टॉक और जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) जैसे विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष के रवैये पर सवाल खड़े किए।
वंदे मातरम के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए अजय भट्ट ने कहा कि संसद से कानून पारित होने के बाद अब यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल की निजी पसंद का विषय नहीं रह गया है। उन्होंने कहा,
“यह किसी के घर या किसी पार्टी का निजी नियम नहीं, बल्कि संसद द्वारा पारित देश का कानून है। सभी को इसका पालन करना ही होगा। कानून के उल्लंघन पर दंड का भी प्रावधान है। विपक्ष द्वारा इस पर दोहरा मापदंड अपनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जो दल कानून और व्यवस्था का विरोध करेंगे, आने वाले समय में जनता उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज (इग्नोर) कर देगी।”
कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने देश में लगाए गए आपातकाल (इमरजेंसी) के दौर की याद दिलाई। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकाल के समय पत्रकारों पर पाबंदियां लगाई गईं, सेंसरशिप थोपी गई और बड़ी संख्या में लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। उस दौर में न्यायपालिका को भी प्रभावित करने की कोशिशें की गईं, लेकिन जनता ने तब भी कांग्रेस को उसकी वास्तविक स्थिति का एहसास करा दिया था।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा देश में चीनी के स्टॉक में गिरावट और कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए गए सवालों पर अजय भट्ट ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि बाजार में समय-समय पर चीजों के दामों में उतार-चढ़ाव आता रहता है, लेकिन देश में चीनी की कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है और व्यवस्थाएं जल्द पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी। इस दौरान उन्होंने सरकार की ई-20 (E-20) नीति का भी बचाव किया।
जेपीसी कमेटी के गठन को लेकर अजय भट्ट ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। आने वाली पीढ़ियों के मन में उठने वाले सवालों और शंकाओं के समाधान के लिए कमेटी के माध्यम से सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।
रामनगर में आयोजित कार्यक्रम के संबंध में उन्होंने बताया कि आयोजन का एक दिन शेष है। इसमें राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, क्षेत्र के विधायक, ब्लॉक प्रमुख और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने इस आयोजन को जनता और उनके प्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम बताया।
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