UTTARAKHAND

बीकेटीसी बजट हेराफेरी: तत्कालीन सीईओ विजय थपलियाल समेत 3 पर होगी कार्रवाई, बिना अनुमति खर्च किए थे ₹6 लाख

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी
  • अतिथियों के ठहरने पर बिना अनुमोदन खर्च किए थे छह लाख रुपये
  • आरटीआई (RTI) से मिली जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बैठी थी जांच
  • शासन ने श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम 1939 के तहत तत्काल कार्रवाई के दिए निर्देश

देहरादून।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के बजट से वित्तीय नियमों को ताक पर रखकर बिना अनुमति के छह लाख रुपये खर्च करने के मामले में बड़ी कार्रवाई होने जा रही है। बीकेटीसी की जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विजय थपलियाल समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के लिए मंदिर समिति को पत्र भेजा है। इस पत्र के बाद अब मंदिर समिति इन अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लेने की तैयारी में है।

यह है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में दो मई को केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे। यात्रा की शुरुआत में 30 अप्रैल से 15 मई 2025 तक केदारनाथ धाम आने वाले अतिथियों के ठहरने के लिए मंदिर समिति ने आवासीय व्यवस्था की थी। इस दौरान विभिन्न होटलों, लॉज और गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के विश्राम गृहों के कमरों के बिलों के भुगतान के लिए वित्त अधिकारी और मंदिर समिति के अध्यक्ष से अनिवार्य अनुमति नहीं ली गई।

वित्त अधिकारी और अध्यक्ष को अंधेरे में रखकर, अधिकारियों ने अपने ही स्तर पर फाइलों का अनुमोदन कर दिया और भुगतान के लिए छह लाख रुपये की अग्रिम (अडवांस) राशि जारी कर दी।

सोशल मीडिया पर हुआ था खुलासा, फिर बैठी जांच

इस वित्तीय मनमानी का खुलासा तब हुआ जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत निकाली गई जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। मामला तूल पकड़ने के बाद बीकेटीसी ने इस पर आंतरिक जांच बैठाई थी। जांच में स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितताएं और नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद जांच रिपोर्ट शासन (राज्य सरकार) को भेज दी गई थी।

इन तीन अधिकारियों की भूमिका पाई गई संदिग्ध

शासन ने जांच रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए मामले में तीन मुख्य अधिकारियों की भूमिका को पूरी तरह संदिग्ध माना है:

  1. विजय थपलियाल (तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी, बीकेटीसी)
  2. अनिल ध्यानी (मुख्य प्रभारी अधिकारी)
  3. अरविंद शुक्ला (केदारनाथ मंदिर के व्यवस्थापक)

शासन ने इन तीनों आरोपियों के खिलाफ ‘श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम 1939’ और इसकी नियमावलियों के सुसंगत प्रावधानों के तहत तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा: बीकेटीसी अध्यक्ष

इस गंभीर मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर समिति के बजट और श्रद्धालुओं के पैसे का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया, “भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। शासन के निर्देशों के क्रम में तीनों अधिकारियों के खिलाफ नियमों के तहत जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

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