देहरादून: कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में रौनक छा गई है। भक्त अपने आराध्य भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटे हैं। इस शुभ अवसर पर घर में कुछ विशेष वस्तुएं लाना बेहद फलदायी माना जाता है। इन्हीं में से एक है वैजयंती माला, जिसे भगवान कृष्ण और भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन वैजयंती माला घर लाने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है और आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है।
क्या है वैजयंती माला का महत्व?
वैजयंती एक विशेष पौधे के बीजों से बनी माला होती है, जिसके बीज कभी टूटते या सड़ते नहीं हैं और सदा चमकदार बने रहते हैं। ‘वैजयंती’ का शाब्दिक अर्थ है ‘विजय दिलाने वाली माला’। भगवान श्री कृष्ण सदैव अपने गले में वैजयंती माला धारण करते थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह माला उन्हें राधा ने प्रेम और समर्पण के प्रतीक के रूप में पहनाई थी।
मां लक्ष्मी का वास और आर्थिक लाभ
शास्त्रों में वैजयंती माला को अत्यंत शुभ और चमत्कारी माना गया है। ऐसी मान्यता है कि वैजयंती माला में स्वयं मां लक्ष्मी का वास होता है। भगवान विष्णु की अर्धांगिनी होने के नाते, जहां विष्णु का प्रिय प्रतीक होता है, वहां लक्ष्मी जी की कृपा स्वतः ही प्राप्त होती है।जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर इस माला को घर लाने और पूजा स्थान पर रखने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
अन्य लाभ
इस जन्माष्टमी, भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए आप भी वैजयंती माला अपने घर अवश्य लाएं। इसे पूजा घर में स्थापित करें या सोमवार अथवा शुक्रवार को गंगाजल से शुद्ध करके धारण करें।
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