DELHI

बजट 2026: देश में खुलेंगे 3 नए आयुर्वेद संस्थान और 5 रीजनल आयुष हब, वित्त मंत्री ने चिकित्सा क्षेत्र के लिए की बड़ी घोषणाएं

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में चिकित्सा क्षेत्र, खासकर आयुष और आयुर्वेद को मजबूत करने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। बजट में पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली और दवाओं में अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन नए ऑल इंडिया आयुर्वेद इंस्टीट्यूट (AIIA) स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति (AYUSH) को वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित करने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान किया है। सरकार का लक्ष्य आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य ढांचे का अहम हिस्सा बनाना और इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।

बजट की मुख्य घोषणाएं:

  1. 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA): पारंपरिक दवाओं में अनुसंधान (Research) और उच्च स्तरीय उपचार को बढ़ावा देने के लिए देश में तीन नए AIIA स्थापित किए जाएंगे।
  2. 5 क्षेत्रीय आयुष मेडिकल हब: राज्यों के सहयोग से पांच नए ‘क्षेत्रीय आयुष चिकित्सा केंद्र’ बनाने के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। ये हब ‘इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स’ के रूप में काम करेंगे, जहां आधुनिक जांच सुविधाओं के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचार और रिहैबिलिटेशन की सुविधा मिलेगी।
  3. जामनगर WHO केंद्र का उन्नयन: गुजरात के जामनगर में स्थित ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) वैश्विक परंपरागत औषधि केंद्र’ को और उन्नत बनाया जाएगा, ताकि साक्ष्य-आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण को गति मिल सके।
  4. गुणवत्ता और मानक: आयुष फार्मेसी और दवा जांच प्रयोगशालाओं (Drug Testing Labs) को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा ताकि भारतीय आयुर्वेद उत्पादों की गुणवत्ता पर दुनिया का भरोसा बढ़े।

किसानों और युवाओं को मिलेगा लाभ

वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया भर में आयुर्वेद की स्वीकार्यता बढ़ी है। उन्होंने कहा, “आयुर्वेद उत्पादों की बढ़ती मांग से जड़ी-बूटियों की खेती करने वाले हमारे किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही, इनके प्रसंस्करण (Processing) और आयुष इकोसिस्टम में युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे।”

‘होलिस्टिक केयर’ पर जोर

बजट में पारंपरिक चिकित्सा को ‘इंटीग्रेटेड हेल्थकेयर डिलीवरी’ का हिस्सा बनाया गया है। इसका उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा (Modern Medicine) और पारंपरिक पद्धतियों को जोड़कर मरीजों को ‘होलिस्टिक केयर’ (समग्र उपचार) प्रदान करना है।

वैश्विक पहचान और योग का गौरव

निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह योग को संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से वैश्विक पहचान मिली, उसी तरह अब भारतीय आयुर्वेद भी दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच रहा है। नए प्रमाणन तंत्र और अनुसंधान सुविधाओं से भारत ग्लोबल वेलनेस सेक्टर में एक लीडर बनकर उभरेगा।

 यह बजट न केवल भारत के प्राचीन ज्ञान को सहेजने का प्रयास है, बल्कि इसे एक आधुनिक उद्योग के रूप में विकसित कर अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य, दोनों को मजबूती देने की एक दूरदर्शी सोच है।

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