देहरादून: प्रदेश में आज से जनजातीय गौरव दिवस की धूम रहेगी। जनजाति कल्याण विभाग के निदेशक एस.एस. टोलिया ने जानकारी दी कि ओएनजीसी स्टेडियम, कौलागढ़ में तीन दिवसीय आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शाम 5 बजे इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही मुख्य सेवक सदन में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित दिन
यह दिन महान जनजातीय नेता और स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की स्मृति और उनकी विरासत को समर्पित है। यह न केवल उनके जन्मदिन का सम्मान करता है, बल्कि जनजातीय समुदायों की समृद्ध संस्कृति और उनके योगदान को भी प्रदर्शित करता है।
कार्यक्रम की झलकियां
पहले दिन, उद्घाटन के बाद शाम 6:30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आरंभ होगा, जिसमें उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक इंदर आर्या और लोकगायिका रेशमा शाह अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।
दूसरे दिन, 16 नवंबर को दोपहर 1 बजे प्रदर्शनी स्थल का उद्घाटन होगा, जो दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। शाम 6 बजे से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शुरू होंगी, जहां माया उपाध्याय, नरेश बादशाह और विवेक नौटियाल अपनी प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में जान डालेंगे।
अंतिम दिन, 17 नवंबर को शाम 6 बजे उत्तराखंड और अन्य राज्यों के सांस्कृतिक दल अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम का समापन लोकगायक किशन महिपाल और सनी दयाल की शानदार प्रस्तुतियों के साथ रात 8:30 बजे होगा।
एकता और संस्कृति का उत्सव
यह तीन दिवसीय आयोजन न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास है, बल्कि जनजातीय समुदायों की एकता और उनके गौरवशाली इतिहास को भी सामने लाने का अवसर प्रदान करता है।
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