धर्म डेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह की अमावस्या का अपना आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व होता है। चैत्र माह की अमावस्या तिथि पितरों की शांति और सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस वर्ष चैत्र अमावस्या 19 मार्च को मनाई जाएगी। इस दिन किए गए दान, पुण्य और पितरों के तर्पण से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
तिथि और समय (पंचांग के अनुसार):
स्नान-दान के लिए शुभ मुहूर्त:
अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान और दान का विशेष महत्व है। श्रद्धालु इन शुभ मुहूर्तों में पूजा-अर्चना कर सकते हैं:
क्यों खास है चैत्र अमावस्या?
ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों की विशेष कृपा मिलती है। मान्यता है कि चैत्र अमावस्या पर पीपल के पेड़ की पूजा करने और तिल-गुड़ का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही इस दिन गाय, कुत्ते, कौवे और जरूरतमंदों को भोजन कराने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और परिवार में खुशहाली आती है।
पूजा के विशेष उपाय:
(डिस्क्लेमर: यहाँ दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। tv10 india इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
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