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केदारनाथ में सारा अली खान को एफिडेविट से मिलेगी एंट्री’:BKTC अध्यक्ष बोले- सनातन में आस्था रखने वालों का स्वागत; फोटोग्राफी के लिए तय होगी जगह

देहरादून: उत्तराखंड में बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने एक सब-कमेटी गठित कर दी है, जो एक खास एसओपी तैयार कर रही है। इस एसओपी के आधार पर उन लोगों के प्रवेश को वर्जित किया जाएगा जो सनातन धर्म में आस्था नहीं रखते।

इसी दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान को भी केदारनाथ में एंट्री नहीं मिलेगी? तो इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा-

केदारनाथ में एंट्री के लिए सारा अली खान को पहले एफिडेविट देकर यह बताना होगा कि उनकी सनातन धर्म में आस्था है।

वहीं, इस मामले पर कांग्रेस प्रवक्ता सुजाता पॉल ने कहा कि उत्तराखंड जैसा राज्य, जो महिलाओं के बलिदान से बना है, वहां किसी भी श्रद्धालु की आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सामाजिक विभाजन की राजनीति में असफल होने के बाद अब धार्मिक आस्था के मुद्दों को उठा रही है।

सारा अली खान कई बार पहुंच चुकी हैं केदारनाथ

सारा अली खान फिल्म ‘केदारनाथ’ बनने के बाद कई बार धाम में दर्शन करने आ चुकी हैं। अब तक उन्होंने बिना किसी रोक-टोक के मंदिर में दर्शन किए हैं। हालांकि नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें भी उसी प्रक्रिया का पालन करना होगा जो अन्य श्रद्धालुओं पर लागू होगी।

BKTC के 3 नए नियम जो चारधाम यात्रा 2026 में लागू हो सकते हैं….

  1. गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक

चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में गैर-सनातनियों के प्रवेश को रोकने के लिए समिति ने पूरी तैयारी कर ली है। देहरादून में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस विषय में पहले से चली आ रही परंपराओं का भी अध्ययन किया गया है। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य के समय लागू व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि सनातन धर्म को न मानने वाले लोगों के प्रवेश को वर्जित करने की व्यवस्था लागू की जाएगी।

  1. मंदिर परिसर के 60 मीटर तक मोबाइल ले जाना मना

मंदिर समिति ने तय किया है कि केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम से करीब 50 से 60 मीटर की परिधि में कोई भी व्यक्ति मोबाइल फोन लेकर नहीं जा सकेगा। यह नियम केवल श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मंदिर समिति के पदाधिकारियों और अन्य हक-हकूकधारियों पर भी समान रूप से लागू होगा। मंदिर समिति का कहना है कि इससे मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखने और भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

  1. फोटोग्राफी के लिए तय किए जाएंगे अलग स्थान

मंदिर परिसर में मोबाइल और फोटोग्राफी को लेकर नई व्यवस्था भी लागू की जा रही है। समिति ने निर्णय लिया है कि धामों में फोटोग्राफी के लिए विशेष स्थान निर्धारित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को केवल उन्हीं स्थानों तक मोबाइल ले जाने की अनुमति होगी।

5 प्वाइंट्स में जानिए प्रेस वार्ता में क्या बोले BKTC अध्यक्ष

121 करोड़ के बजट से धामों में होंगी सुविधाएं बेहतर: बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि चारधाम यात्रा की तैयारियों के लिए बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में कुल 121 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है। इसमें बद्रीनाथ धाम के लिए लगभग 57 करोड़ और केदारनाथ धाम के लिए करीब 63 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष बनाने का निर्णय: उन्होंने कहा कि मंदिर समिति की बैठक में तीर्थ पुरोहितों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक कल्याण कोष बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके जरिए उनसे जुड़े मुद्दों और जरूरतों को व्यवस्थित तरीके से संबोधित किया जाएगा।

मंदिर कर्मियों के मानदेय और नियुक्तियों पर भी फैसले: अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में मंदिर कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं। इसके साथ ही रावल की नियुक्ति और कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति को लेकर भी निर्णय लिया गया है।

ऑनलाइन पूजा व्यवस्था को दिया जाएगा बढ़ावा: हेमंत द्विवेदी ने कहा कि धामों से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों को अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए ऑनलाइन पूजा व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि दूर-दराज के श्रद्धालु भी इससे जुड़ सकें।

चारधाम यात्रा के लिए रिकॉर्ड पंजीकरण: उन्होंने जानकारी दी कि इस साल 6 मार्च से शुरू हुए पंजीकरण में शुरुआती 11 दिनों के भीतर ही करीब सवा 6 लाख श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। इससे इस वर्ष यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है।

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